देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 43 साल बाद एलबीएस अकाडमी पहुंचे। इससे पहले वर्ष 1974 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी यहां पहुंच भावी अफसरों से मिली थीं। इसके बाद से अभी तक कोई प्रधानमंत्री यहां नहीं पहुंचा था।
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इंदिरा गांधी
- फोटो : social media
शायद यही कारण था कि 369 भावी अफसर प्रधानमंत्री मोदी को अपने बीच पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। पहाड़ों की रानी मसूरी में बृहस्पतिवार की सुबह से ही लोग आसमान में टकटकी लगाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार करते देखे गए।
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उनका इंतजार दोपहर करीब दो बजे के आसपास तब पूरा हुआ, जब पीएम नरेंद्र मोदी तीन सैन्य हेलीकॉप्टर के साथ हेलीपैड पर पहुंचे। एलबीएस अकादमी करीब 43 साल बाद पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी को लेकर लोगों उत्साह देखते ही बन रहा था।
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पंडित जवाहरलाल नेहरू
इतिहास के जानकार जयप्रकाश उतराखंडी के मुताबिक, पण्डित नेहरू का आजादी से पूर्व और आजादी के बाद भी मसूरी से गहरा नाता रहा है। वह सर्वप्रथम 1948 और 1950 में मसूरी प्रवास के लिए आए।
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दलाई लामा (फाइल फोटो)
1958 में वह टूरिस्ट एजेंट सम्मेलन में भाग लेने के लिए मसूरी पहुंचे। 1959 में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा मसूरी आये तो उस समय भी नेहरू मसूरी में ही थे।
प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर भावी अफसर अभिभूत दिखे। वहीं, पीएम मोदी ने भी अकादमी प्रांगण में 369 प्रशिक्षु फाउंडेशन कोर्स के अधिकारियों के साथ फोटो सेशन कराकर उन्हें रोमांचित किया। उन्होंने सरदार पटेल हॉल में अकादमी के फैकल्टी का परिचय भी प्राप्त किया। इसके बाद पीएम ने डायरेक्टरेट लॉन में चिनार का पौधा रोपा।