फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नैनीताल: पहले 25 मीटर रोड समाई झील में, अब माल रोड के 140 मीटर हिस्से पर भी खतरा

Thu, 30 Aug 2018 07:39 AM IST
श्याम मिश्रा, अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
1 of 7
mall road
लोअर माल रोड के 140 मीटर भाग पर अब गिरने का खतरा मंडरा रहा है। आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों की रिपोर्ट में लोअर माल रोड के 175 मीटर भूभाग को अतिसंवेदनशील (भूस्खलन संभावित) बताया गया है। इसमें 25 मीटर लोअर माल रोड टूटकर नैनी झील में समा चुकी है। अगर बाकी हिस्सा भी झील में समाया तो अपर माल रोड को बचाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। 
 
विज्ञापन

2 of 7
mall road
18 अगस्त को लोअर माल रोड का एक हिस्सा टूटकर नैनी झील में समा गया था। इससे पहले बचाव की उचित व्यवस्था हो पाती 25 अगस्त को दोबारा कुछ और हिस्सा टूट गया। तब से अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। अगर लोअर माल रोड का थोड़ा सा और हिस्सा धराशायी हुआ तो अपर माल रोड को भी बचाना मुश्किल हो जाएगा। अब प्रकाश में आया है कि आईआईटी रुड़की के भूगर्भ वैज्ञानिक अपने सर्वे के दौरान 175 मीटर लोअर माल रोड के धराशायी होने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं। 25 मीटर सड़क टूटने के बाद 140 मीटर लंबा और हिस्सा भूस्खलन की दृष्टि से अतिसंवेदनशील है। 
 
विज्ञापन

3 of 7
mall road - फोटो : amar ujala
आईआईटी रुड़की के भूगर्भ वैज्ञानिकों ने लोअर माल रोड की मिट्टी का सर्वे किया था। वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि लोअर माल रोड का 175 मीटर लंबा हिस्सा मुलायम मिट्टी का है। यह मिट्टी बारिश और पानी के दबाव में आसानी से कट जाती है। अंदर ही अंदर पानी सड़क के नीचे के हिस्से को खोखला कर चुका है। खोखली जगह पर जब वाहनों का दबाव पड़ता है तो वह नीचे बैठ जाती है।
- सीएस नेगी, अधिशासी अभियंता लोनिवि 
 

4 of 7
mall road
डीएम विनोद कुमार सुमन सोमवार को प्रगति की स्थिति देखने दोबारा मौके पर पहुंचे। यहां उन्होंने देखा कि काम रुका हुआ है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने ठेकेदार से कारण पूछा तो पता चला कि जीओ बैग खत्म हो गए हैं और काशीपुर से मंगवाए गए हैं। बैग आते ही काम दोबारा शुरू किया जाएगा। इसके बाद डीएम ने अपर माल रोड का काफी दूर तक पैदल चलकर निरीक्षण किया। उन्हें बताया गया कि नाले का पानी झील की ओर रिस रहा है। 
विज्ञापन

5 of 7
mall road
पुलिस ने शनिवार को बनाए गए नए ट्रैफिक प्लान को सोमवार को लागू कर दिया। हनुमानगढ़ी, टूटा पहाड़ और इंडिया होटल पर वाहनों को रोका गया। पुलिस ने वाहन चालकों को धीमी गति से चलने की हिदायत दी। एएसपी हरीश चंद्र सती ने खुद ही भूधंसाव वाले स्थान चिन्हित किए और वहां कोन लगवाए। पुलिस ने अपर माल रोड और राज भवन रोड पर कोन लगाकर लोगों को भूधसाव वाले स्थानों की ओर जाने से रोका। दिन भर पुलिस कर्मी जगह-जगह यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सड़कों पर तैनात रहे। 
 
विज्ञापन

6 of 7
mall road
राज भवन रोड को वनवे करने को लेकर सोमवार को नागरिकों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। रोड पर वाहन खड़े हो जाने से जाम लग गया। बाद में पुलिस ने सभी को समझाकर मौके से भेजा। फांसी गधेरे पर भी एक युवक का पुलिस से रोड को वनवे करने को लेकर विवाद हुआ। इसको लेकर बीते दिनों फांसी गधेरे पर स्कूली बच्चों को रोके जाने के बाद अभिभावकों का पुलिस से विवाद हो चुका है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
mall road
नैनी झील पर 200 पेज की किताब लिख चुके पर्यावरणविद प्रो. जीएल साह बताते हैं कि हमेशा से ही लोअर माल रोड का यह हिस्सा भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील रहा है। 1885 के आसपास इस रोड का निर्माण हुआ था। उससे पहले यह रोड एक पतली पगडंडी थी। उस दौरान भूगर्भ वैज्ञानिक आदहाम और हालैंड ने अपनी रिपोर्ट में लोअर माल रोड की मिट्टी को भूस्खलन की दृष्टि से अतिसंवेदनशील बताया था। तब रजपुरा कहे जाने वाले क्षेत्र में हैवी कंस्ट्रक्शन पूरी तरह से प्रतिबंधित था। अगर माल रोड को भूस्खलन से बचाना है तो यहां चारपहिया वाहनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देना चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें