आतंकवाद
सोनम और रॉबिन को जैसे ही अपने पिता के शहीद होने की सूचना मिली, वे दोनों अपने घर के लिए दौड़ पड़े। सोमवार को घर पहुंचते ही दोनों भाई-बहन अपनी मां से लिपट कर बिलख-बिलख कर रो पड़े। रोते हुए बेटा कहता रहा, ‘पापा आप हमें क्यों छोड़ कर चले गए, आपने तो अक्तूबर में घर आने की बात कही थी’। रॉबिन बीएससी तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। बेटी सोनम भी गुमसुम है। उधर, बड़ी बेटी पूनम के आंसू थमने को नहीं हैं। पिता को बार-बार याद करते हुए वह, विलाप कर रही है।