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इसी अद्भुत जगह पर शिव ने पिया था हलाहल विष, कहलाए नीलकंठ

Fri, 24 Feb 2017 11:09 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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lord shiva - फोटो : getty images
समुद्र मंथन हलाहल के दौरान जब हलाहल निकला तो देवता और असुर भागने लगे। तब शिवजी ने संसार को बचाने के लिए पूरा विष पी लिया। लेकिन क्या आप जानते हैं जहां शिवजी ने विष पिया वो जगह आज ‌कैसी दिखती है।
 
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श‌िव महादेव - फोटो : shiv mahadev
जिस जगह भगवान शिव ने विषपान किया, वहां आज एक भव्य मंदिर स्‍थापित किया गया है।
 
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नीलकंठ जाते शिवभक्त। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश के जंगलों के बीच स्थित इस जगह पर मन्नत मांगने देश विदेश से भोले के भक्त पहुंचते हैं।
 

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neelkanth mahadev
तीर्थनगरी ऋषिकेश में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के बारे में मान्यता है कि शिवजी ने यहां समुद्र मंथन के दौरान निकले विष (हलाहल) ग्रहण किया था। यहीं से शुरू हुई ‌उनके नीलकंठ बनने की कहानी....
 
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neelkanth mahadev
यहां विष पीने के बाद शिवजी का गला नीला पड़ गया था, जिसके कारण उन्हें नीलकंठ के नाम से जाना जाता है।
 
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neelkanth mahadev
नीलकंठ महादेव मंदिर की नक्काशी देखते ही बनती है। मंदिर शिखर के तल पर समुद्र मंथन के दृश्य को चित्रित किया गया है।
 
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neelkanth mahadev
मंदिर के गर्भ गृह के प्रवेश-द्वार पर एक विशाल पेंटिंग में भगवान शिव को विष पीते हुए भी दिखलाया गया है।
 
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- फोटो : amar ujala
ऋषिकेश से स्वार्गाश्रम, लक्ष्मण झूला, नीलकंठ रोड, मौनी बाबा की गुफा से होकर आप नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंच सकते हैं। अगर आप अपने वाहन से जाना चाहते हैं तो ऋषिकेश बैराज-लक्ष्मण झूला मार्ग से सीधे नीलकंठ जा सकते हैं। या फिर बदरीनाथ मार्ग पर ब्रह्मपुरी होते हुए नीलकंठ मार्ग पकड़ सकते हैं।
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