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पाताल लोक तक पहुंचता है इस गुफा का रास्ता, अंदर है बेशुमार 'खजाना'!

Thu, 05 Oct 2017 08:18 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
देश में कई गुफाएं हैं जो रहस्य से भरी हुई हैं। ऐसी ही एक गुफा यहां भी है जिसका रास्ता पाताल तक जाता है। वहीं अंदर बेशुमार 'खजाना' भी भरा हुआ है।
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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
देहरादून के त्यूनी तहसील के दुर्गम क्षेत्र में बसे गोरछा गांव से तीन किलोमीटर दूर जंगल में एक प्राचीन गुफा  है। ग्रामीणों ने इसे पांडव कालीन होने की संभावना जताई है। लोगों का कहना है कि यह गुफा इतनी लंबी है कि इसका रास्ता पाताल जाता होगा।
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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
15 से 20 फीट ऊंची इस गुफा में शिवलिंग का खजाना है। साथ ही कई शिवलिंग  जैसी आकृतियां मिलने के साथ ही दीवारों पर देव आकृतियां और भित्ति चित्र बने हुए हैं। शिवलिंग जैसी आकृतियों के ऊपर टपकता पानी ग्रामीणों के लिए आस्था का केंद्र बन गया है।

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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
अभी तक इस गुफा को सात किलोमीटर तक की खोजा गया है। वहीं ग्रामीणों ने इसके और लंबी होने की संभावना जताई है। गुफा मिलने की सूचना पुरातत्व विभाग को भी दे दी गई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सिंह रावत ने बताया कि तीन दिन पहले गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर घने जंगल में पशुओं को चराते समय चरवाहों ने यह गुफा खोजी।
 
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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
चरवाहों का कहना था कि बकरी को खोजते हुए वे लोग चीड़, कैल, रई, देवदार के घने जंगलों में घुसे तो वहां यह गुफा दिखाई दी। कौतूहलवश भीतर जाकर देखा तो दीवारों पर भित्ति चित्र उकरे हुए थे। चरवाहों ने इसकी जानकारी गांववालों को दी।
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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
ग्रामीणों ने इस गुफा को बिहार गुफा का नाम दिया है। यह पूरा इलाका पांडवों के अज्ञातवास के दौरान उनके प्रवास से जुड़ा रहा है। साथ ही गुफा के भीतर मिले शिवलिंगों की तरह का समूह लाखामंडल में भी खुदाई के दौरान पाया गया था। इसलिए लोगों ने संभावना जताई है कि यह गुफा भी पांडव काल से जुड़ी हो सकती है
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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
अधीक्षण पुरातत्वविद लीली धस्माना को ग्रामीणों ने जानकारी दी थी। इसके बाद टीम को मौके पर भेजकर इसका निरीक्षण कराया। ले​किन अभी तक कोई ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है7
(अमर उजाला इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है यह केवल प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पेश किए गए हैं।)
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