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फेसबुक के सहारे 23 साल से कट रही बिस्तर पर पड़े अमित की जिंदगी, इस तरह हर रोज बढ़ रहा जीने का हौसला

Thu, 04 Oct 2018 08:54 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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आंदोजनकारी अमित ओबरॉय
मुजफ्फरनगर कांड के दौरान भगदड़ में गंभीर चोट खाकर 23 साल से बिस्तर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे अमित का हौसला अब फेसबुक के जरिए बढ़ रहा है। अमित फेसबुक के जरिए दुनिया से जुड़े हैं। उन्होंने दुनियाभर के उनकी हालत वाले 150 लोग ढूंढ निकाले हैं। 
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आंदोजनकारी अमित ओबरॉय
ये सभी सोशल मीडिया पर बातें करके एक-दूसरे का हौंसला बढ़ाते हैं। उनकी बीमारी से जुड़ी चिकित्सा क्षेत्र की नई अनुसंधानों के बारे में अनुभव साझा करते हैं। फेसबुक चलाने के लिए वे ध्वनि पहचानने वाले साफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं।
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आंदोजनकारी अमित ओबरॉय
बता दें कि मुजफ्फरनगर कांड की बरसी मनाने के लिए रिस्पना पुल पर जमा आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया तो दौरान भगदड़ का शिकार होकर अमित रिस्पना पुल से नीचे गिर गए। उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई।
 

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आंदोजनकारी अमित ओबरॉय
घटना को 23 साल हो चुके हैं। तब से अमित बिस्तर पर ही जिंदगी से जंग लड़ रहे हैं। उनके कंधे से नीचे का पूरा शरीर निष्क्रिय है। शरीर से एक मक्खी उड़ाने के लिए भी उन्हें एक सहायक चाहिए।  इन सबके बावजूद अमित में जीने की जबर्दस्त ललक है। 
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आंदोजनकारी अमित ओबरॉय
लगभग 41 साल के अमित प्रगति विहार में रहते हैं। उन्हें दो अक्तूबर 1995 की घटना का एक-एक क्षण याद है। उनका बस एक दुख है कि इस तरह से उनकी जिंदगी कब तक चलती रहेगी। इलाज के लिए भी इतने पैसे कहां से आएंगे।
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