मसूरी में कुआं
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कुएं में भले ही पहले के मुकाबले पानी कम हो गया हो, लेकिन आज भी आसपास के लोग इसके पानी पर निर्भर हैं। हाथीपांव, जॉर्ज एवरेस्ट, क्लाउड एंड, दूधली समेत आसपास आने वाले पर्यटक कुएं को देखने जरूर आते हैं। इसे लेकर शहर के पुराने लोगों में कई मान्यताएं भी प्रचलित हैं। कहा जाता है कि कुएं में पीछे मुड़कर कोई सिक्का या अंगूठी डालेगा, तो उसकी मनोकामना पूरी होती है। आज भी कई लोग क्षेत्र में जब घूमने आते हैं, तो कुएं में सिक्का जरूर डालते हैं। इससे कुएं का नाम विशिंग वेल भी पड़ गया है।