प्रबंध निदेशक के आदेश के अनुसार जांच के दौरान किसी भी बस का प्रदूषण, फिटनेस आदि कागजात नहीं पाए जाने पर सहायक महाप्रबंधकाें के साथ ही चालक सीधे जिम्मेदार होंगे। दूसरी ओर परिवहन निगम के ही आंकड़ों पर नजर डालें तो निगम के बेड़े में वर्तमान में 1350 बसें हैं। जो उत्तराखंड के अलावा विभिन्न राज्याें के लिए संचालित की जाती हैं। इनमें सैकड़ों बसों की प्रदूषण की जांच लंबे समय से नहीं कराई गई है।