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मदर्स डे 2021 : देहरादून की इन सिंगल मदर्स ने हर चुनौती का सामना कर बच्चों को बनाया कामयाब, तस्वीरें

Sun, 09 May 2021 11:03 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

 ऐसी ही कहानी है दून की कई सिंगल मदर्स की है, जिन्होंने अपने बच्चों की कामयाबी के लिए हर चुनौतियों का सामना किया।
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अंकिता प्रधान - फोटो : अमर उजाला
दुनिया में भगवान द्वारा बनाई हुई सबसे खूबसूरत कोई कृति है तो वह केवल मां है। एक मां ही है जो अपने बच्चे के लिए बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना करने का साहस रखती है। ऐसी ही कहानी है दून की कई सिंगल मदर्स की है, जिन्होंने अपने बच्चों की कामयाबी के लिए हर चुनौतियों का सामना किया। 

मां और बच्चे का रिश्ते को दुनिया का सबसे खूबसूरत और अनमोल रिश्ता माना जाता है। ऐसे में आज यानि रविवार का दिन देश-दुनिया की माताओं को समर्पित है। सिंगल मदर्स ने बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी निभाई और उन्हें कामयाब बनाया। 

सिंगल मदर के लिए बच्चे की जिम्मेदारी हमेशा से ही चुनौती भरी रही है। शादी के कुछ ही समय बाद पति से तलाक होने के बाद बेटी समृद्धि प्रधान को पढ़ाना व पालन पोषण करना किसी चुनौती से कम नहीं था। सिलाई का काम कर बेटी को पढ़ाया। इसके लिए मां की ओर से पूरा सहयोग मिला।  - अंकिता प्रधान, गढ़ी कैंट
 
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सुनिता क्षेत्री - फोटो : अमर उजाला
शादी के कुछ साल बाद ही पति से तलाक हो गया था। बेटे की परवरिश के लिए मां के घर ही रहकर पार्लर चलाया और बेटे को पढ़ाया। आज बेटा एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। सिंगल मदर होने के बाद बेटे की परवरिश करना किसी चुनौती से कम नहीं था। मां-पिता के सहयोग से हर चुनौती से आसानी से निपटा गया।  - सुनिता क्षेत्री, गढ़ी कैंट निवासी
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वंदना बिष्ट - फोटो : अमर उजाला
तलाक होने के बाद बेटी को पढ़ाने लिखाने के लिए चाय की दुकान चलाने के साथ कई अन्य काम भी किए। बच्चे की देखरेख की जिम्मेदारी अकेले निभाई और हर चुनौती को स्वीकार किया। वर्तमान में बेटी बंगलूरू में एक आईटी कंपनी में कार्यरत है। जबकि, मैं दून में जरूरतमंदों के लिए एक संस्था का संचालन करती हूं।  - वंदना बिष्ट, कांडली
 

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रानी ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
शादी के कुछ साल बाद ही तलाक होने के बाद बेटी की परवरिश करना किसी चुनौती से कम नहीं था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते खुद एक रेस्टोरेंट का संचालन किया। लेकिन, बीते साल लॉकडाउन लागू होने के बाद से वह काम भी ठप हो गया। ऐसे में इन दिनों घर में ही केक बनाकर बेटी की परवरिश कर रही हूं।  - रानी ठाकुर, इंद्रापुरम
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उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) - फोटो : अमर उजाला
उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) की ओर से मदर्स डे के उपलक्ष्य में आयोजित सेल्फी विद मदर प्रतियोगिता का खिताब मीरा नवेली और नीलिमा गर्ग के नाम रहा। रचना पंचपाल दूसरे और भूमिका शर्मा तीसरे स्थान पर रहीं। उमा की अध्यक्ष साधना शर्मा ने बताया कि मदर्स डे के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाइन सेल्फी विद मदर प्रतियोगिता में प्रदेश भर की महिलाओं और बेटियों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया था। 
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