स्थानीय लोगों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे शवों को बाहर निकाला। बादल फटने से थार्ती, बडियार गांव, तितराणा, चकरेणा, होल्टा, ठेला, मल्याकोट, मल्ड, महड़ और बेहड़ा गांव के संपर्क मार्ग, पेयजल लाइन, सिंचाई नहरें और सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि तबाह हो गई है।