प्रदेश के चारधाम यात्रा से जुड़े रूटों पर बादलों ने डेरा जमा लिया है। आने वाले दस दिनों तक यहां रुक-रुककर बारिश होगी। मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि भूस्खलन का खतरा भी मंडरा रहा है। प्रदेश सरकार को यात्रा मार्गों पर एहतियात बरतने की सलाह दी है।
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बदहाल बने हैं पुल
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि आने वाले दस दिनों तक लगातार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश होगी। चूंकि, यह जिले चारधाम यात्रा के रूट से जुड़े हैं, लिहाजा बारिश के चलते कुछ स्थानों पर भूस्खलन भी हो सकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार और यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। कोई बड़ा खतरा तो नहीं है, लेकिन यात्रा के दौरान भूस्खलन को देखते हुए अतिरिक्त एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
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सरकारी सिस्टम भी अगर पहले से चुस्त रहेगा तो निश्चित तौर पर भूस्खलन की सूरत में यात्रियों के निकालने को रास्ता बनाना आसान हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि आगामी दस दिन में हल्की से मध्यम बारिश की वजह से पहाड़ में कुछ जगहों पर रास्ते भी बंद हो सकते हैं। हालांकि, चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्री सतर्कता के साथ यात्रा जारी रख सकते हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के कुछ स्थानों सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राजधानी में भी बादल छाने के साथ ही कुछ जगहों पर हल्की बारिश के आसार हैं।