लगान फेम आशुतोष गोवारिकर की एतिहासिक पटकथा पर आधारित फिल्म मोहनजो दाड़ो आज 70 एमएम के पर्दे पर रिलीज हो रही है। इस फिल्म का उत्तराखंड कनेक्शन भी है। कनेक्शन इस लिहाज से फिल्म के कई किरदार उत्तराखंड से हैं। इनमें से कुछ किरदार आशुतोष गोवारिकर ने अपने टीवी सीरियल एवरेस्ट के दौरान ही कास्ट किए थे।
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rahul gairola in mohenjo daro movie
फिल्म में बलूचियों के भी किरदार हैं, इनमें से एक किरदार राहुल गैरोला ने निभाया है जो अरुणोदय के साथ नजर आता है। राहुल का फिल्म तक का सफर आसान नहीं था। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमर उजाला में बतौर जर्नलिस्ट तीन साल तक देहरादून में रिपोर्टिंग की।
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इसके बाद दिल्ली में एक्टिंग का कोर्स कर मुंबई की राह पकड़ी। वहां जाकर आरजे की नौकरी की लेकिन फिल्म लाइन में किस्मत आजमाते रहे। इस बीच किस्मत पलटी और मोहनजो दाड़ो में उन्हें रोल मिला।
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फिल्म में राहुल का किरदार निगेटिव शेड लिए हुए हैं। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि इतने बड़े डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर, रितिक, कबीर बेदी और अरुणोदय के साथ काम करने का मौका मिलना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। इन लोगों से काफी कुछ सीखने को मिला है।
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उन्होंने बताया कि मुंबई में फिल्म के लिए हुए स्क्रीन टेस्ट में पास हुआ तो पहले विश्वास ही नहीं हुआ। फिल्म का शेड्युल और कांटेक्ट साइन करने के लिए बुलाया गया तो विश्वास हुआ। फिल्म के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि फिल्म की अधिकतर शूटिंग लगान की ही तरह भुज में हुई है।
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बाकी शूटिंग मुंबई के गोरेगांव और नयागांव स्थित स्टूडियो में हुई है। आशुतोष का लगान प्रेम इस फिल्म में भी जारी रहा। फिल्म का सेट उसी मैदान पर लगाया गया, जहां लगान फिल्म में अंग्रेजों से आमिर की टीम ने मैच खेला था। राहुल का कहना है कि डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर के साथ रितिक, कबीर बेदी के साथ पूरी यूनिट का व्यवहार काफी अच्छा रहा।
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शूटिंग के बारे में उन्होंने बताया कि भुज में 48 डिग्री तापमान में शूटिंग आसान नहीं थी। कई बार गर्मी से लोग बेहोश तक हो गए। लेकिन प्रोडेक्शन टीम ने सबकी सुविधाओं का ख्याल रखा। फिल्म की कहानी के सवाल को वह हंसते हुए टाल गए। फिल्म के क्लाइमेक्स के लिए भुज में एक डैम भी बनाया गया, जिसकी मदद से पूरा शहर तबाह होते दिखाया गया।
राहुल के मामा प्रो. आशाराम डंगवाल, मामी किरन डंगवाल हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। मूल रूप से उत्तराखंड के बड़ियारगढ़ के राहुल का परिवार कानपुर के शास्त्रीनगर इलाके में रहता है। फोन पर हुई बातचीत में पिता दिनेश गैरोला और माता आरती गैरोला काफी खुश नजर आए।