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मोहन भागवत ने सभी वर्गों के लिए खोले आरएसएस के दरवाजे, कही बड़ी बात...

Thu, 07 Feb 2019 06:59 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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मोहन भागवत
आरएसएस ने समाज के हर वर्ग के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। सबको न्योता है कि वह संघ के भीतर आएं, देखें और जानें कि ये संगठन क्या कर रहा है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सबके लिए दरवाजे खोलने का औचित्य बेहद रोचक ढंग से सामने रखा। 
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देहरादून में मोहन भागवत
देहरादून पहुंचे भागवत ने कार्यक्रम में शामिल लोक कलाकारों और साहित्यकारों को एक कहानी सुनाई। इसका मूल मंत्र था कि बिना देखे बोला जाएगा तो वह गलत ही दिखेगा। संघ प्रमुख ने कहानी सुनाई। कहा-दो दोस्त थे, उनमें से एक नेत्रहीन था, जबकि दूसरा सामान्य। एक दिन सामान्य दोस्त ने कहा कि उसने खीर खाई है। नेत्रहीन ने पूछा खीर कैसी होती है। 
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देहरादून में मोहन भागवत
जवाब मिला-सफेद। उसने कहा-सफेद कैसा होता है, जवाब मिला-बगुले की तरह। बगुले के बारे में पूछा तो दोस्त ने उसे किसी तरह समझाया। नेत्रहीन ने आखिर में कहा-खीर बगुले की तरह टेढ़ी होती है तो फिर गले में अटकी तो नहीं। संघ प्रमुख ने कहा कि इसी तरह का मामला आरएसएस का है। 

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देहरादून में मोहन भागवत
लोगों को संघ के बारे में कुछ पता नहीं होता और फिर तरह तरह की गलत बातें विस्तार पाती हैं। इसीलिए संघ ने समाज के सभी वर्गों के लिए अपने दरवाजे खोलने का निर्णय लिया है। संघ के भीतर आएं और उसे विस्तार से समझें और जाने, उसके बाद प्रतिक्रिया दें।
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देहरादून पहुंचे मोहन भागवत
संघ प्रमुख मोहन भागवत का सुबह चार बजे उठने का नियम है। देहरादून में उन्होंने इसमें कहीं तब्दीली की गुंजाइश नहीं रखी है। इसके बाद उन्होंने योग और पूजा-अर्चना का अपना क्रम जारी रखा। बैठकों के बीच में मिले समय में वह व्यक्तिगत तौर पर कई लोगों से मिले। हालांकि राजनीतिक लोगों की संघ प्रमुख से मुलाकात नहीं हो पाई। भाजपा के कई नेता संघ कार्यालय के आस-पास तो दिखाई दिए, लेकिन भीतर जाने का साहस नहीं जुटा पाए।
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