केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए फैसले को एतिहासिक बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ब्लैक मनी रखने वाले लोगों को एक मौका और देगी।
विज्ञापन
2 of 8
radha mohan singh
इसको लेकर केंद्र सरकार जल्द ही अध्यादेश लाने वाली है। इस अध्यादेश में यह होगा कि अगर कोई ब्लैक मनी सरेंडर करता है तो उस पर 50 फीसदी टैक्स लगेगा। केंद्र सरकार इस राशि को गरीब कल्याण कोष में डालेगी, जिसके मार्फत गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का आगाज किया जाएगा।
विज्ञापन
3 of 8
radha mohan singh
रविवार को जैविक खेती पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत आने आए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि नोटबंदी से उसे ही परेशानी है जिसने इधर-उधर से पैसा जमा कर रखा है। उन्होंने कहा कि देश की 86 फीसदी करेंसी को बंद करने का फैसला अचानक इसलिए लेना पड़ा कि अगर किसी को भी इसकी भनक लग जाती को ब्लैक मनी को व्हाइट करने का खेल शुरू हो जाता।
4 of 8
radha mohan singh
केंद्रीय मंत्री ने इस बात को स्वीकार किया कि इस फैसले से आम आदमी को थोड़ी परेशानी जरूर हुई है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में सेना के जवानों पर होने वाली पत्थरबाजी बंद हो गई, नार्थ ईस्ट में उग्रवादियों द्वारा फिरौती के लिए किए जाने वाला अपहरण बंद हो गया है।
विज्ञापन
5 of 8
radha mohan singh
उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर के बाद रिजर्व बैंक इसका हिसाब करेगा कि 500-1000 के प्रचलित नोट में से कितने बैंकों में जमा हुए हैं? जो लोग अपना पैसा नहीं बैंकों में जमा नहीं कराएंगे वह कागज टुकड़ा भर रह जाएंगे।
विज्ञापन
6 of 8
radha mohan singh
अगर अध्यादेश के हिसाब से काले धन वाले लोग बैंकों में अपना पैसा जमा कराएंगे तो 50 फीसदी राशि सरकार की होगी, नहीं जमा कराएंगे तो शत प्रतिशत। सरकार तो कहीं से नुकसान में नहीं है। उन्होंने कहा कि उन राजनीतिक दलों के नेता इस फैसले का विरोध कर रहे हैं जो अब चुनावों में काले धन का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
विज्ञापन
7 of 8
radha mohan singh
केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाली सरकार ने जब नोटबंदी का फैसला लिया तो उस वक्त पांच फीसदी करेंसी ही बंद हुई थी। मोदी सरकार ने 86 फीसदी करेंसी को बंद करके काला धन रखने वालों के साथ-साथ आतंकवादियों, उग्रवादियों, माओवादियों और नक्सलियों की कमर तोड़ कर रखी दी है।
केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि बैंकों द्वारा 500 और 1000 के नोट बदलने का फैसला इसलिए वापस लेना पड़ा कि कुछ लोग इसका दुरुपयोग करने लगे थे। ब्लैक मनी रखने वाले लोग कमीशन पर नोट बदलवाने लगे थे। गरीब आदमी को बैंकों की कतार लगवाकर वह अपना ब्लैक मनी व्हाइट कर रहे थे। पैसे वाले 1000 का नोट बदलने पर 300 रुपये कमीशन देते थे।