फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिलिए, ऐसे दबंग इंस्पेक्टर से जो माओवादियों के बीच पहुंचकर पर्यटकों को छुड़ा लाया

Mon, 28 Jan 2019 09:39 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
1 of 5
vipin chandra pant
इंस्पेक्टर विपिन चंद्र पंत ने मासूमों के साथ दरिंदगी और उनकी हत्या करने के जघन्य अपराध के अभियुक्तों को फांसी की सजा भी दिलवाई है। 1990 से पंत गाजियाबाद, नोएडा, पिथौरागढ़, देहरादून, लोहाघाट, चमोली में सेवाएं दे चुके हैं। इन्हें दो बार राज्यपाल पुरस्कार मिल चुका है। 
विज्ञापन

2 of 5
माओवादी
2004 में बनबसा के गड्ढा चौकी में छेड़खानी करने पर नेपाल के माओवादियों ने हरियाणा के दो पर्यटकों का अपहरण कर लिया था। विपिन चंद्र पंत ने वेश बदलकर माओवादियों के बीच पहुंचे और
पर्यटकों को छुड़ाया।
 
विज्ञापन

3 of 5
डीएनए
दस जुलाई 2012 की रात बिंदुखत्ता की बेटी सुनीता (काल्पनिक नाम) बिस्तर से गायब हो गई। अगली सुबह उसका शव खेत से बरामद हुआ। उच्चाधिकारियों द्वारा ने ये केस इंस्पेक्टर पंत को सौंप दिया। 57 संदिग्धों की डीएनए जांच के बाद आरोपी दीपक पकड़ में आया। 28 फरवरी 2014 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना तिवारी ने दीपक को दुष्कर्म, हत्या व अन्य धाराओं में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई।
 

4 of 5
gudiya case
20 नवंबर 2014 को काठगोदाम में एक शादी में पिता के साथ आई छह साल की बच्ची गायब हो गई। हल्द्वानी से पिथौरागढ़ तक विरोध प्रदर्शन हुए। एक बार फिर यह केस विपिन चंद्र पंत को दिया गया। डंपर चालक अख्तर अली व दो अन्य को गिरफ्तार किया गया। अख्तर अली को जिला कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
12 जनवरी 2018 में नैनीताल जिले में मंगोली चौकी क्षेत्र में शव मिला। सोशल मीडिया का सहारा लेने के बाद हत्याकांड का खुलासा हुआ। मृतक की पहचान मनोज चौधरी निवासी टांडा अमरपुर थाना
बिलारी मुरादाबाद के रूप में हुई, जिसकी हत्या उसके भाई ने साथियों के साथ मिलकर की थी। आरोपित जेल में हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें