फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुआ उत्तराखंड को बेटा, गांव पहुंचा शव

Tue, 14 Feb 2017 06:18 PM IST
पूरन सिंह नेगी/ अमर उजाला, गैरसैंण
विज्ञापन
1 of 5
raghuveer singh - फोटो : amar ujala
कश्मीर घाटी के कुलगाम जिले में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए राष्ट्रीय राइफल के जवान और मैखोली गांव के रघुवीर सिंह को 16 फरवरी को गांव आना था। 18 फरवरी को गांव में रघुवीर के परिवार की ओर से बनाए गए मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होनी थी, लेकिन घर आने की तिथि से दो दिन पहले ही सोमवार को रघुवीर का तिरंगे में लिपटा शव मैखोला पहुंचा। इससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

 
विज्ञापन

2 of 5
raghuveer singh
वर्ष 2004 में महार रेजीमेंट में भर्ती हुए मैखोली गांव के रघुवीर सिंह खुशमिजाज छवि के व्यक्ति थे। रघुवीर के पिता आनंद सिंह भी सेना में थे। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सिविल में नौकरी की और मई 2016 में वह दूसरी नौकरी से सेवानिवृत्त हुए। उनका छोटा बेटा आईटीबीपी में सेवारत है, जबकि मां खिमुली देवी और पत्नी रेखा देवी गृहणी हैं। वहीं रघुवीर की एक बहन अभी अविवाहित है।
 
विज्ञापन

3 of 5
raghuveer singh
गांव के पूर्व प्रधान बलबीर सिंह कुंवर का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद आनंद सिंह ने गांव में मंदिर का निर्माण करवाया, जिसमें 18 फरवरी को मूर्ति की स्थापना होनी थी। इसके लिए रघुवीर को 16 फरवरी को घर पहुंचना था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। यह कहते हुए वह रो पड़े। रघुवीर के दोस्त त्रिलोक, गौरव, प्रदीप खबर सुनने के बाद भावुक होते हुए कहते हैं कि रघुवीर ने फोन पर 18 को मिलने की बात कही थी, लेकिन किसे पता थी कि तारीख तो आएगी लेकिन रघुवीर अब कभी नहीं आएगा।
 

4 of 5
raghuveer singh
शहीद राष्ट्रीय राइफल के जवान रघुवीर सिंह का शव सोमवार देर शाम मैखोली गांव पहुंचा। शहीद के पार्थिव शरीर को सोमवार दोपहर वायु सेना के हेलीकॉप्टर से गौचर हवाई पट्टी लाया गया। महार रेजीमेंट के सूबेदार सोहन सिंह, नायक मुकेश भट्ट और एयर फोर्स के अधिकारी भी साथ आए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
raghuveer singh - फोटो : file photo
यहीं छह कुमाऊं रेजीमेंट के एक ऑफिसर, चार जेसीओ और बीस जवानों सहित डा. एपी मैखुरी, अनिल नौटियाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, पालिकाध्यक्ष मुकेश नेगी, राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश ओलिया आदि ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद पार्थिव शरीर को सैन्य वाहन से पैतृक गांव मैखोली गैरसैंण ले जाया गया। मंगलवार को शहीद का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ मैखोली के समीप पैतृक घाट पर होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें