Martyr manvendra singh
फिर कुछ ही देर में स्वयं को संभालते हुए बोले, मुझे खुशी है, मेरा बेटा देश पर न्यौछावर हुआ है। चाचा दिलवर सिंह रावत कहते हैं, बेटे को गोदी में रखकर कभी गांव की गलियों में घूमा करता था और आज...। वहीं फफकते हुए छोटे भाई दिग्विजय ने बताया कि किस तरह बड़ा भाई उसका ध्यान रखता था।