शहीद मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल अपनी पत्नी से किया वादा नहीं निभा सके।
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शहीद मेजर विभूति खंडूरी
उत्तराखंड के एक और लाल मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल की शहादत की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।
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सांकेतिक तस्वीर
मेजर विभूति अपनी पत्नी निकिता से अप्रैल में शादी की पहली सालगिरह पर देहरादून आने का वादा कर जनवरी के पहले सप्ताह में ड्यूटी पर गए थे।
डडंगवाल रोड निवासी स्व. ओमप्रकाश ढौंडियाल के पुत्र मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल (34) सोमवार को पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए।
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देहरादून पहुंचा शहीद मेजर का पार्थिव शरीर
वह 55 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। अप्रैल 2018 में उनका विवाह फरीदाबाद निवासी निकिता कौल से हुआ था। निकिता कश्मीर विस्थापित परिवार से ताल्लुक रखती हैं और दिल्ली में नौकरी करती हैं।
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martyr major vibhuti dhaundiyal
निकिता ने मेजर विभूति की मां सरोज ढौंडियाल को उनके पैर में गोली लगने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। शाम करीब 5:30 बजे शहीद का पार्थिव शरीर सेना के विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचा था।
इसके बाद उनका पार्थिव शरीर देर शाम को उनके आवास पर लाया गया। वह तीन बहनों के इकलौते भाई थे। पिता स्व. ओमप्रकाश ढौंडियाल रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (वायुसेना) देहरादून में ऑडिटर के पद पर तैनात थे।