मेरी हर गोली पर एक आतंकी का नाम लिखा है, मेजर विभूति जब भी दोस्तों के बीच होते, यह जरूर कहते थे। उनके करीबी दोस्त बताते हैं कि आतंकियों की हरकतों से मेजर विभूति का खून खौल जाता था, आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर वे अपनी टीम में सबसे आगे आकर मुकाबला करते थे।