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मां को पता ही नहीं बेटा शहीद हो गया, फोन का करती रही इंतजार, तिरंगे में लिपटा देख फूट-फूट कर रोईं

Sat, 05 Jan 2019 10:25 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, गंगोलीहाट/पिथौरागढ़
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शहीद गोपाल सिंह
बूढ़ी मां को पता ही नहीं था कि बेटा शहीद हो गया। वह नए साल पर अपने बेटे के फोन का इंतजार करती रहीं। शुक्रवार को जब बेटे का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो देखकर मां की आंखों से आंसू नहीं रुके। 
 
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शहीद गोपाल सिंह
नागालैंड में शहीद हुए 24 आसाम राइफल के जवान गोपाल सिंह माहरा का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके पैतृक गांव जजौली लाया गया। रामेश्वर घाट में सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
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शहीद गोपाल सिंह
उनकी वृद्ध मां कौशल्या देवी को बेटे के शहीद होने की जानकारी नहीं दी गई थी। जैसे ही उन्हें यह दुखद सूचना मिली वह सुध-बुध खो बैंठीं। इसके बाद वह दहाड़ मारकर रो पड़ीं। शहीद के दो छोटे भाईयों की पत्नियां बीना माहरा, सीमा मेहरा और चाची मधुली देवी बेहोश हो गई। 

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शहीद गोपाल सिंह
शहीद गोपाल सिंह की दो बेटियां और एक बेटा है। उनकी छोटी बेटी हिमानी को नये साल पर अपने पिता को विश नहीं कर पाने का मलाल है। हिमानी ने बताया कि 31 दिसंबर को उसकी अपने पापा से बात हुई थी। दादी और उन्होंने नये साल पर पहली जनवरी को फोन कर शुभकामनाएं देने का वादा किया था, लेकिन किसी काम से चले जाने से बात नहीं हो सकी। 
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शहीद गोपाल सिंह
उसके अगले ही दिन उसे पता चला कि अब उसके पापा इस दुनिया में नहीं रहे। हिमानी के अनुसार वह अपने पापा को विश नहीं कर पाई, इसका उसे हमेशा मलाल रहेगा। शहीद गोपाल सिंह चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनसे बड़े भाई निर्मल सिंह 33 असम राइफल में नगालैंड में तैनात हैं। 
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शहीद गोपाल सिंह
तीसरे नंबर के ठाकुर सिंह पुंछ में तैनात हैं। उनके शनिवार तक गांव पहुंचने की संभावना है। सबसे छोटे भाई रिपुसूदन सिंह माहरा गांव में ही अपना व्यवसाय चलाते हैं। शहीद के पिता स्व. त्रिलोक सिंह भी सेना में तैनात थे। सैकड़ों क्षेत्रवासियों ने शहीद गोपाल सिंह को श्रद्धांजलि दी।
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