बदरीनाथ हाईवे पर जोशीमठ के समीप जोगीधारा से आगे बर्फ जमी होने से यहां वाहन रपट रहे हैं। वहीं पोखरी क्षेत्र में भी जमकर बर्फबारी हुई है। पोखरी रोड पर कनकचौंरी से मोहनखाल, उडामांडा, पोखरी तक बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही थम गई है।
चमोली जिले में बारिश और बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। गुरुवार को तड़के से जिले में बारिश-बर्फबारी का दौर जारी है। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के जहां 150 से अधिक गांव बर्फ से ढक गए हैं। वहीं बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे जोशीमठ के जोगीधारा से आगे और रुद्रप्रयाग-पोखरी, जोशीमठ-मलारी और जोशीमठ-औली मार्ग भी बंद हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र पैदल रास्ते और खेत-खलियान बर्फ से ढक गए हैं। बदरीनाथ धाम में दो और हेमकुंड साहिब में तीन फीट तक बर्फ जम गई है।
गुरुवार को बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब के साथ ही फूलों की घाटी, औली, गौरसों बुग्याल, रुद्रनाथ, लाल माटी के साथ ही जोशीमठ, घिंघराण, सुतोल, कनोल, डुमक, कलगोठ, उर्गम, भेंटी, सुरांईथोटा, भल्लागांव, पाणा, ईराणी, झींझी आदि गांवों में दिनभर बर्फबारी हुई। बदरीनाथ धाम में करीब दो और हेमकुंड साहिब में तीन फीट तक ताजी बर्फ जम गई है। वहीं जोशीमठ और घिंघराण क्षेत्र में साल की पहली बर्फबारी हुई है, जिससे यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड से बचने के लिए लोग दिनभर घरों में दुबके रहे। वहीं लोहाजंग क्षेत्र में सड़क पर बिछी बर्फ से वाहन रपट रहे हैं। घूनी और रामणी गांव को जोड़ने वाली सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है।
बदरीनाथ हाईवे पर जोशीमठ के समीप जोगीधारा से आगे बर्फ जमी होने से यहां वाहन रपट रहे हैं। वहीं पोखरी क्षेत्र में भी जमकर बर्फबारी हुई है। पोखरी रोड पर कनकचौंरी से मोहनखाल, उडामांडा, पोखरी तक बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही थम गई है। थाला गांव के ओम प्रकाश थपलियाल ने बताया कि थाला गांव में भी चारों ओर बर्फ जम गई है। पैदल रास्ते फिसलन भरे हो गए हैं।
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बर्फबारी।
- फोटो : अमर उजाला
बारिश से बढ़ीं दुश्वारियां
अचानक मौसम का मिजाज बदला और गुरुवार सुबह से ही बारिश और बर्फबारी होने लगी। गैरसैंण नगर में कई वर्षों बाद हिमपात हुआ। जबकि थराली में बारिश और बर्फबारी से करीब 30 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। वहीं रूपकुंड, वेदनी आली बुग्याल, बगुवावास, ब्रह्मताल, बगजी बुग्याल में करीब दो से तीन फीट बर्फ गिरी।
गैरसैंण के कुणीखेम, छड़ीसैंण, गौल, रूहेड़ा, आंद्रपा, पंचाली, मठकोट, पज्याणा, मेहरगांव, रामड़ा, सारकोट, परवाड़ी, फरकंडे, घंडियाल, भराड़ीसैंण, सलियाणा, गैड़, घारगैड़ में बर्फबारी हुई जो देर शाम तक होती रही। कालीमाटी से खेती तक सड़क पर बर्फबारी होने से कई वाहन वहां फंसे रहे। वहीं थराली के रतगांव, कोलपुड़ी, बमोटिया, हरिनगर लेटाल, गुमड़, रूईसाण, डुंग्री गांव में दो फीट बर्फ गिरी।
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बर्फबारी।
- फोटो : अमर उजाला
यहां कई गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। वहीं ब्रह्मताल, भेंकलताल, लोहाजंग, वेदनी में पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे। बधाणगढ़ी का मंदिर भी बर्फ से ढक गया। ग्वालदम, वांण, डुंग्री, रतगांव, कोलपुड़ी, वेदनी, ब्रहमताल, पारथा, सहित सोल घाटी और रूपकुंड वैली में बर्फबारी हो रही। रतगांव, ब्रह्मताल, लोहाजंग, आईजन टॉप और वांण में भी पर्यटकों ने बर्फबारी का खूब आनंद उठाया।
कुलिंग के भुवन बिष्ट ने कहा कि ब्रह्मताल में 26 और वेदनी में पांच पर्यटक पहुंचे हैं। वहीं, बारिश से कर्णप्रयाग, सिमली, लंगासू, आदिबदरी, नौटी, नंदासैंण सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। वहीं सिमली-शैलेश्वर, सिमली-बेनीताल, सिरण-एंड सड़कों पर बारिश के दौरान पत्थर गिरने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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बर्फबारी।
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केदारनाथ में तीन फीट बर्फ गिरी
केदारनाथ, द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ में भी भारी बर्फबारी हुई। केदारनाथ में ढाई से तीन फीट बर्फ गिरी जबकि यहां पहले से 15 फीट से अधिक बर्फ जमा है। धाम में बीते दिसंबर से पुनर्निर्माण कार्य ठप हैं। साथ ही बिजली, पानी की सप्लाई भी बंद हैं। केदारनाथ में कुछ साधु और पुलिस के जवान ही रह रहे हैं।
वहीं, द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ में भी जमकर बर्फबारी हुई। साथ ही कालशिला, हरियाली कांठा, त्रियुगीनारायण, तोषी, चौमासी, गौंडार, जाल मल्ला व तल्ला, ब्यूंखी, स्यासूगढ़, चंद्रनगर, चोपता, बनियाकुंड, मक्कू से लेकर मस्तूरा सहित 60 से अधिक ऊपरी गांवों में बर्फबारी हुई है, जिससे गांवों में ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हुआ। गौरीकुंड, सोनप्रयाग, गुप्तकाशी और ऊखीमठ के आसपास हल्की बर्फ गिरी।
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बर्फबारी।
- फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि सहित निचले क्षेत्रों में बारिश हुई, जिससे बाजारों में लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। साथ ही गांवों में लोग घरों में दुबके रहे। खराब मौसम के कारण केदारनाथ में जहां दिनभर तापमान माइनस में रहा। वहीं, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में अधिकतम पारा 13 और न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पौड़ी में तीन राज्यमार्ग बंद
जनपद के ब्लॉक मुख्यालय थलीसैंण, औद्यानिकी एवं वानिकी विवि परिसर भरसार, चौंरीखाल सहित आसपास के क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है। इस दौरान क्षेत्र के लोग बर्फबारी का लुत्फ लेते नजर आए। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार पौड़ी जिले में बर्फबारी से तीन राज्यमार्ग मरचूला-सराईखेत-बैजरो-पौड़ी, थलीसैंण-बूंगीधार-मनीला, थलीसैंण-चौरींखाल-चिपलघाट व एक मुख्य जिला मार्ग पाबौ-संतुधार-चौबटटाखाल-चोरीखाल पर यातायात बाधित रहा। प्रशासन की ओर से मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई है।