एक तरफ शादी के शामियाने तो दूसरी तरफ मौत का मंजर। ऐसा नजारा पहले शायद ही किसी ने कभी देखा हो। गांव में शादी के लिए पहले से ही रस्मोरिवाज के लिए तारीखें तय थीं, लेकिन ग्रामीणों को क्या पता था कि शादी के खुशी के माहौल पर मौत का गम भारी पड़ेगा। ग्रामीणों के सामने इस मंजर को बयां करने के लिए शब्द नहीं थे।