एक जुलाई से पूरे देश में जीएसटी कर प्रणाली के लागू होने की संभावना है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बिल लागू होने के बाद वस्तुओं पर एक ही टैक्स लगेगा। एक ही स्थान पर टैक्स लगने से वस्तु की कीमतों में इजाफा नहीं होगा। जिससे आम आदमी को महंगाई से राहत मिलेगी।
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जीएसटी कर प्रणाली में रेस्टोरेंट का खाना, दवाइयां, कारें, मोटरसाइकिल इलेक्ट्रॉनिक सामान, सीमेंट, स्टील बर्तन, मोबाइल, बिस्कुट, टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, रेडीमेट गारमेंट्स की कीमतें कम होने की संभावना है।
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अभी तक वस्तु पर उत्पाद शुल्क और वैट के अलावा एंट्री टैक्स, सेस, सर्विस टैक्स अलग-अलग लगाए जाते हैं। जीएसटी में उत्पाद शुल्क व वैट को मिलाकर टैक्स का नया स्लैब लागू होगा। जबकि अन्य कोई टैक्स नहीं लगेगा।
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अभी तक एक कार खरीदने पर 14 प्रतिशत वैट और 24 प्रतिशत उत्पाद शुल्क को जोड़ कर कुल 38 प्रतिशत टैक्स देना होता है। जबकि जीएसटी में प्रस्तावित 28 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
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इसी प्रकार रेस्टोरेंट में खाना खाने पर पांच प्रतिशत वैट, छह प्रतिशत सर्विस टैक्स लगता है। मोबाइल फोन पर पांच प्रतिशत वैट और 12.5 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी के अलावा एक प्रतिशत सेस लगता है। जीएसटी कर प्रणाली में सेस और सर्विस टैक्स को नहीं जोड़ा गया।
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जिससे रेस्स्टोरेंट का खाना और मोबाइल सस्ता होने की संभावना है। रेडीमेट गारमेंट्स पर मौजूदा समय में पांच प्रतिशत वैट और 12.5 प्रतिशत उत्पाद शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर एंट्री टैक्स भी लगता है।
लेकिन जीएसटी में रेडीमेट गारमेंट 18 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आएगा। खास बात यह है कि जीएसटी लागू होने पर एंट्री, सेस, सर्विस व अन्य टैक्स नहीं होंगे। केंद्र सरकार की ओर से एक्साइज और वैट टैक्स के आधार पर नये टैक्स का ढांचा प्रस्तावित है। साथ ही जीएसटी में प्रावधान किया गया कि टैक्स कम लगने पर सामान की कीमतों को भी कम करना होगा।