जगदीश कुनियाल ने किया पौधरोपण
- फोटो : अमर उजाला
जगदीश के साथ 1990 से जुड़े अमस्यारी के पर्यावरण प्रेमी बसंत बल्लभ जोशी बताते हैं कि कुनियाल को दिखावा और शोर शराबा पसंद नहीं है। वह जमीन से जुड़कर कार्य करने पर विश्वास रखते हैं। उनके इसी जुनून और जज्बे ने क्षेत्र के कई प्राकृतिक स्रोतों को नया जीवन दिया है। उनकी मेहनत के कारण चीड़ से भरे जंगलों के बीच बांज, बुरांश, देवदार, उतीस जैसे पौधों की पैदावार हो रही है। उन्होंने अपने जंगल में उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाला अंगु का पौधा भी लगाया है।