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45 दिनों से मोस्ट वांटेड बनी आदमखोर का ऐसे हुआ अंत, चला देश का सबसे बड़ा अभियान

Fri, 21 Oct 2016 06:52 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रामनगर
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tiger hunt - फोटो : AmarUjala
उत्तराखंड के रामनगर क्षेत्र में 45 दिनों से दहशत का पर्याय बनी आदमखोर बाघिन आखिरकार शिकारियों की गोली का शिकार बन गई। बाघिन को मारने या पकड़ने के लिए रामनगर क्षेत्र में चला अभियान देश का सबसे बड़ा अभियान था।
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tiger hunt - फोटो : file photo
दो लोगों को मार डालने के अलावा तीन को घायल करने वाली आदमखोर बाघिन क्षेत्र में 45 दिन से दहशत और आतंक का पर्याय बनी हुई थी।
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tiger hunt - फोटो : AmarUjala
ताबड़तोड़ किए गए करीब 15 से अधिक फायर में तीन गोलियां (एक पैर पर, एक पेट में और एक सिर में) बाघिन को लगीं। करीब डेढ़ माह की दहशत के बाद ग्रामीणों और वनकर्मियों ने राहत की सांस ली। 

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helicopter combing - फोटो : AmarUjala
बाघिन को पकड़ने का मारने के लिए हेलीकॉप्टर, ड्रोन और हाथी सब कुछ लगा दिए गए थे। अभियान में विभाग ने करीब 70 लाख रुपए (हेलीकॉप्टर, ड्रोन और हाथियों से सर्च अभियान आदि) से अधिक खर्च किए।
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combing for man eater tigress - फोटो : AmarUjala
पोस्टमार्टम के बाद बाघिन के शव को जलाकर नष्ट कर दिया गया है। बता दें कि आदमखोर के खौफ के चलते बच्चों का स्कूल जाना तक बंद हो गया था और कई किसानों ने खेत में जाना ही छोड़ दिया था।
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tiger hunt - फोटो : AmarUjala
बृहस्पतिवार सुबह रोज की तरह करीब 10 बजे ऑपरेशन शुरू किया गया। कैमरा ट्रैप में बाघिन की तस्वीरें आने के बाद पास के ही नाले में छानबीन की गई तो बाघिन के फुटमार्क मिले।
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tiger hunt - फोटो : AmarUjala
बाघिन के उसी क्षेत्र में होने की पुष्टि होने के बाद तीन तरफ से जाल लगाकर हाका लगाया गया। कुछ देर बाद ही बाघिन दिखी और वह झाड़ियों में छिप गई। यह देख शिकारियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

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tiger hunt - फोटो : AmarUjala
काफी देर तक हलचल नहीं होने पर संबंधित स्थान पर चेक किया गया तो वहां बाघिन मृत पड़ी थी. इससे विभाग, शिकारियों और खासकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

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combing for tiger - फोटो : AmarUjala
प्राथमिक स्तर पर जांच के बाद बाघिन का शव उठाकर तराई पश्चिमी वन प्रभाग की वर्कशॉप में लाया गया, लेकिन यहां लोगों की भीड़ ज्यादा होने पर पोस्टमार्टम सीटीआर के बिजरानी रेंज के मडुवागाड़ में डॉक्टर दुष्यंत शर्मा और काशीपुर के पशु चिकित्सक योगेश शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
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combing
अभियान दल में ये थे शामिल
बाघिन को ढेर करने वाली टीम में मुख्य वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त के डॉ. पराग मधुकर धकाते, पार्क उपनिदेशक अमित वर्मा, डीएफओ कहकशां नसीम, डीएफओ नेहा वर्मा, एसडीओ कलम सिंह विष्ट, जेपी सिंह, जीएस कार्की, लक्ष्मण सिंह विष्ट, शेखर तिवारी व शिकारियों में राजीव फोलोमन, जॉय हुकुल, लखपत सिंह, हरीश धामी आदि थे।
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