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आदमखोर के अंत के साथ खुला खौफनाक सच, खुद को ही चबाने लगा था

Fri, 09 Sep 2016 04:22 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देवप्रयाग
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man eater leopard - फोटो : AmarUjala
उत्तराखंड के देवप्रयाग क्षेत्र में दहशत का पर्याय बना गुलदार शिकारी जॉय की गोली का शिकार हो गया। इसी के साथ उसके आदमखोर बनने की वजह भी पता चली है। गुलदार बुधवार रात शिकारी की गोली से घायल होकर भाग निकला था।
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man eater leopard - फोटो : AmarUjala
गुलदार के चार कैनाइन दांत टूटे हुए थे। उनसे नाखून भी घिसे मिले। गुलदार की उम्र लगभग 10 वर्ष है। उक्त सारी वजहों को देखते हुए डीएफओ राहुल का कहना है कि गुलदार शारीरिक अशक्तता के कारण आदमखोर हो गया था।
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man eater leopard - फोटो : AmarUjala
बता दें कि गुलदार ने विगत 23 अगस्त को सजवाणकांडा गांव में 10 वर्षीय बालिका को मार डाला था। इसके बाद वन विभाग ने गांव में पिंजड़ा तैनात करने के साथ ही शूटरों को तैनात कर दिया था। गत एक सितंबर को पिंजड़े में एक मादा गुलदार कैद हो गई थी, लेकिन ग्रामीणों ने शूटर और गश्ती दल को तैनात रखने की मांग की थी।

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man eater leopard - फोटो : AmarUjala
घटना के 12 वें दिन बुधवार रात नौ बजे सजवाणकांडा गांव के उप प्रधान दरम्यान सिंह ने गुलदार के देखे जाने की सूचना दी। शूटर जॉय हुकिल वन कर्मी यशवंत चौहान के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां झाड़ियों में उन्हें गुलदार दिखाई दिया। रोशनी पड़ने पर गुलदार उनकी ओर झपट्टा, तो उन्होंने गोली चला दी। गोली गुलदार की कमर में लगी। घायल गुलदार झाड़ियों की ओर भागकर ओझल हो गया।
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man eater leopard - फोटो : AmarUjala
बृहस्पतिवार सुबह लगभग छह बजे गुलदार करीब 600 मीटर दूर रणढुंगी में दिखाई दिया। खून के धब्बों के सहारे हुकिल ने उसे ढूंढ निकाला। हुकिल ने गुलदार के सिर का निशाना लेकर गोली चला दी। गोली लगते ही गुलदार का काम तमाम हो गया। आदमखोर के मारे जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
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man eater leopard - फोटो : AmarUjala
गोली का शिकार बना गुलदार जीवन के काफी मुश्किल में जी रहा था। उसके पिछले दोनों पैरों के पंजे गायब थे। जिससे वह बड़ी मुश्किल से चल पा रहा था। पोस्टमार्टम के दौरान पंजों के अवशेष पेट से बरामद हुए। पशु चिकित्सक डॉ. तलवार ने बताया कि दर्द से बेहाल होने पर गुलदार ने उनको चबा डाला होगा।
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मंत्री प्रसाद नैथानी - फोटो : अमरउजाला
गुलदार के मारे जाने पर कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी भी वन विभाग परिसर में पहुंचे। उन्होंने शिकारी जॉय हुकिल को शाबासी देते हुए अभियान में शामिल वन कर्मियों को मुख्यमंत्री से सम्मानित कराने की बात की। उन्होंने गुलदारों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। 
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joy hukil - फोटो : AmarUjala
कांडा क्षेत्र में मारा गया गुलदार पौड़ी के रहने वाले शिकारी जॉय हुकिल का 20 वां शिकार था। उन्होंने बताया कि पलायन के चलते खेतों के जंगल में तब्दील होने, लैंटाना और गाजर घास के कारण जंगली जानवरों को छुपने में आसानी हो रही है।
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