सनातन धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक मकर संक्रांति 15 जनवरी (कल) को मनाई जाएगी। उसके बाद से शुभ कार्य शुरू होंगे। इस दिन भगवान सूर्य को खिचड़ी का भोग लगाने की परंपरा है। मकर संक्रांति पर्व को उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सूर्य उत्तर की ओर बढ़ने लगता है जो ठंड के घटने का प्रतीक है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. रमेश चंद्र पांडेय, डॉ. सुशांत राज और गौरव आर्य ने बताया कि इस वर्ष सूर्यदेव 14 जनवरी को सांय काल आठ बजकर चार मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। यदि शाम को मकर संक्रांति का पर्व पड़ता है तो इसे अगले दिन मनाया जाता है। जिसके चलते इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी।