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जब राजधानी का ये हाल है तो अन्य शहर तो होंगे और भी बेहाल, तस्वीरें...

Sat, 08 Jun 2019 07:43 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
एक समय था जब देहरादून अपनी शांत वादियों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर था। लेकिन, अब तस्वीर बिल्कुल बदल चुकी है। अब हर कदम पर एक नई समस्या है। बीते कई दिनों से मसूरी के लिए बसों की मारामारी जारी है। आलम यह है कि लोगों को कई-कई घंटे मसूरी बस स्टैंड पर इंतजार करना पड़ रहा है।
 
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- फोटो : अमर उजाला
शहर की बदहाल सड़कें मुसीबत का कारण बन चुकी हैं। कहीं, सीवर लाइन के लिए सड़क खोद दी गई हैं तो कहीं पेयजल लाइन और ओएफसी के लिए। लेकिन, मुसीबत यह है कि काम पूरा होने के बाद भी सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई है। इन बदहाल सड़कों पर रोज लोग गिरते हैं और शासन-प्रशासन को कोसते हुए आगे बढ़ जाते हैं। 
 
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- फोटो : अमर उजाला
कभी अपनी शांति के मशहूर रहा देहरादून अब वाहनों की चिलपौं से बदहाल है। शहर की प्रमुख सड़कों पर जाम लगना आम बात हो चुकी है। आलम यह है कि जाम लगने पर सहारनपुर रोड स्थित मातावाला बाग से लेकर तहसील चौक तक करीब डेढ़ किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को आधा घंटे का समय लग जाता है। 
 

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- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन लाख कोशिशों के बावजूद सिटी बस और विक्रम संचालकों की मनमानी पर रोक नहीं लगा पाया है। इन वाहनों में तय क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाया जाता है। खुलेआम हो रही यह मनमानी हर चौराहे पर तैनात पुलिस कर्मियों को नजर ही नहीं आती। ये पुलिसकर्मी हेलमेट न पहनने वालों का चालान काटना अपन परम कर्तव्य समझते हैं।

 
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- फोटो : अमर उजाला
शहर की सड़कों पर पड़ी निर्माण सामग्री यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। लेकिन, आज तक इसे लेकर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। निर्माण सामग्री से जाम लगने के साथ अक्सर हादसे भी होते हैं। कई जगह काम खत्म होने के बाद निर्माण सामग्री लंबे समय तक यूं ही सड़कों पर पड़ी रहती है। 
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कभी पलटन बाजार देहरादून की सुंदरता में चार चांद लगाता था। लेकिन, अब तस्वीर बदल चुकी है। आलम यह है कि यहां पैदल चलना तक मुश्किल है। पलटन बाजार में व्यवस्थाओं को सुधारने की कोशिशें तो बहुत हुईं, लेकिन कामयाब एक भी नहीं हुई। हाल ही में यहां अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया था, लेकिन यह सिर्फ औपचारिकता साबित हुआ। 
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