राष्ट्रपिता महात्मा गांधी
राजधानी देहरादून से भी बापू का पुराना नाता रहा है। बताया जाता है कि जब 17 अक्टूबर 1929 को महात्मा गांधी किसी सम्मेलन में शिरकत करने के लिए देहरादून पहुंचे थे। उसी दौरान राजपुर के शहंशाई आश्रम के पास स्थित एक स्थान पर उन्होंने पीपल का एक पेड़ रोपा था, जो आज भी मौजूद है।