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महाशिवरात्रि से पहले जानिए समुद्र मंथन से जुड़े भगवान शिव के इस मंदिर का राज 

Tue, 13 Feb 2018 07:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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neelkanth mahadev temple
महाशिवरात्रि से पहले आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ा भगवान भोले का राज। इस मंदिर की मान्यता इतनी अधिक है कि यहां शिवरात्रि को हजारों भक्त दर्शन के लिए लाइन में लगे रहते हैं।
 
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neelkanth mahadev temple
ऋषिकेश स्थित नीलकंठ मंदिर में भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान निकला हलाहल विष पिया था। यहां आज एक भव्य मंदिर स्थापित किया गया है। ऋषिकेश के जंगलों के बीच स्थित इस नीलकंठ महादेव मंदिर में शिवरात्रि के दिन सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइन लग जाती है।

 
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neelkanth mahadev
यहां विष पीने के बाद शिवजी का गला नीला पड़ गया था, जिसके कारण उन्हें नीलकंठ के नाम से जाना जाता है। नीलकंठ महादेव मंदिर की नक्काशी देखते ही बनती है। मंदिर शिखर के तल पर समुद्र मंथन के दृश्य को चित्रित किया गया है। मंदिर के गर्भ गृह के प्रवेश-द्वार पर एक विशाल पेंटिंग में भगवान शिव को विष पीते हुए भी दिखलाया गया है।

 

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neelkanth mahadev temple
ऋषिकेश से स्वार्गाश्रम, लक्ष्मण झूला, नीलकंठ रोड, मौनी बाबा की गुफा से होकर आप नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंच सकते हैं। अगर आप अपने वाहन से जाना चाहते हैं तो ऋषिकेश बैराज-लक्ष्मण झूला मार्ग से सीधे नीलकंठ जा सकते हैं। या फिर बदरीनाथ मार्ग पर ब्रह्मपुरी होते हुए नीलकंठ मार्ग पकड़ सकते हैं।

 
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neelkanth mahadev
यहां चांदी के बने शिव लिंग का काफी निकटता से दर्शन किए जा सकते हैं। मंदिर में अखंड धूनी जलती रहती है। धुनी की भभूत को लोग प्रसाद के तौर पर लेकर जाते हैं। वहीं कावंडिए हरकी पौड़ी से जल लाकर भी यहां भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। 
(अमर उजाला अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता। जनरुचि को ध्यान में रखकर यह तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं।)
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