महाशिवरात्रि के दिन अनजाने में भी यह गलतियां न करें। इन नियमों को ध्यान में रखकर ही कार्य करेंगे तो शुभ रहेगा।
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lord shiva statue
पंडित मनमोहन भट्ट के अनुसार आधी रात से पूर्व और आधी रात के उपरांत अगर चतुर्दशी युक्त न हो, तो व्रत धारण नहीं करना चाहिए। ऐसे समय में व्रत करने से आयु और ऐश्वर्य की हानि होती है।
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lord shiva
माधव मत से 'ईशान संहिता' में वर्णित है कि जिस तिथि में आधी रात को चतुर्दशी की प्राप्ति होती है, उसी तिथि में भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए व्रत करें।
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Mahashivaratri
व्रत प्रात: काल स्नान से निवृत्त होकर एक वेदी पर कलश की स्थापना कर गौरी-शंकर की मूर्ति या चित्र रखें।
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Mahashivaratri
कलश को जल से भर कर रोली, मौली, अक्षत, पान सुपारी, लौंग, इलायची, चंदन, दूध, दही, घी, शहद, कमलगट्टा, धतूरा, बिल्व पत्र, कनेर आदि अर्पित करें और भगवान शिव की आरती करें।