महंत नरेंद्र गिरि
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सनातन संस्कृति एवं भारतीय जीवन मूल्यों के संरक्षणार्थ अहर्निश प्रयत्नशील, धर्म-अध्यात्म एवं भगवद्भक्ति का उपदेश प्रदान कर भारतीय जनमानस के श्रेष्ठ मार्गदर्शक अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के आकस्मिक गोलोक गमन से संत परंपरा में अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने तप, साधना, सेवा और लोक कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से समाज को एक नई चेतना प्रदान की।
- ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर