वैरासकुंड
इसी स्थान पर भोलेनाथ ने रावण की तपस्या से प्रसन्न होकर उसे बलशाली होने का वरदान दिया था। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस स्थान पर पौराणिक और पुरातत्व महत्व की अनेक चीजें आज भी विद्यमान हैं। कुछ समय पहले यहां खेत में खुदाई के दौरान एक अन्य कुंड मिला है, जबकि आस-पास खुदाई करने पर प्राचीन पत्थर निकलते हैं।