हरकी पैड़ी
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बता दें कि धरती पर लगने वाले कुंभ को महाकुंभ नहीं बल्कि महापर्व कहा जाता है। कुंभ मेले ग्रहों की चाल पर निर्भर हैं। जब भी बृहस्पति, सूर्य और चंद्र प्रत्येक कुंभ लिए निर्धारित राशियों में प्रवेश करते हैं तभी हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक में कुंभ महापर्व पड़ते हैं। समुद्रमंथन की गाथा के अनुसार अमृत कलश धरती के चार स्थानों पर रखा गया था।