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हरिद्वार कुंभ 2021ः अखाड़ों की आन बान शान हैं धर्म ध्वजाएं, हर अखाड़ा की होती है अलग पहचान

Thu, 25 Mar 2021 02:36 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • हर अखाड़ा की धर्म ध्वजा की अलग पहचान, स्थापना-विसर्जन के लिए होता है पूजन
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
कुंभनगरी में अखाड़ों के शिविरों में लहरा रही विशाल धर्म ध्वजाएं सभी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। ये धर्म ध्वजा अखाड़ों के सम्मान का प्रतीक होती है। धर्म ध्वजा की स्थापना के बाद अखाड़ों में कुंभ का आगाज होता है। हर अखाड़े का अपना विशेष ध्वज और चिह्न होते हैं। स्थापना के बाद धर्म ध्वजा की प्रतिदिन आरती और पूजा होती है। महाकुंभ में पेशवाई से पहले सभी अखाड़ों के शिविर में धर्म ध्वजा स्थापित की जाती है। इसकी स्थापना शुभ दिन और शुभ मुहूर्त के आधार पर होती है। धर्म ध्वजा साथ अखाड़ों के इष्टदेव भी प्रतिष्ठित किए जाते हैं। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने बताया कि अखाड़े में 52 हाथ ऊंची और चारों दिशाओं का संकेत देती धर्म ध्वजाएं स्थापित की गई हैं। निरंजनी अखाड़े की धर्म ध्वजा में 52 बंध लगे हैं। यह 52 मणियों का प्रतीक हैं। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने बताया कि ध्वज अखाड़ों का प्रतीक हैं। धर्म ध्वज अनादिकाल से सनातन धर्म की पहचान रहे हैं। मुहूर्त निकालकर पूजन के बाद ध्वजारोहण किया जाता है। श्रीमंहत रविंद्र पुरी ने बताया कि शाही स्नान के एक-दो दिन बाद इसे निकाला जाता है।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
सातों संन्यासी अखाड़ों की धर्म ध्वाजा का रंग भगवा होता है। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षण श्रीमहंत हरिगिरि ने बताया कि धर्म ध्वजा 52 हाथ की है। यह मणियों का प्रतीक है। यह अखाड़ा चार मणियों में बंटा है। चारों मणियां चार दिशाओं का संकेत देती हैं। ऐसे में धर्म ध्वजा का एक कोना 16 मणी पूरब-दक्षिण कोना, दूसरा चार मणी पश्चिम-दक्षिण, तीसरा 13 मणी पश्चिम-उत्तर और चौथा कोना 14 मणी पूरब-उत्तर में रहता है।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
इन्हीं चार कोनों में धर्म ध्वजा का बंधन रहता है। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के श्रीमहंत रवीन्द्र पुरी ने बताया कि धर्म ध्वजा में 52 बंध लगे होते हैं। यह दशनाम मणियों का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि अब 18 मणियां बची हैं। वैष्णव अणि अखाड़ों की धर्म ध्वजा का रंग अलग-अलग होता है। सभी ध्वजा 52 हाथ ऊंची है। निर्वाणी अणि अखाड़े धर्म ध्वजा का रंग लाल होता है। लाल रंग हनुमान का प्रतीक है। धर्म ध्वाजा पश्चिम द्वार का संकेत करती है।।

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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
निर्मोही अणि में ध्वज का रंग सुनहला होता है। ये नल-नील का प्रतीक भी माना जाता है। यह शांति और शुभता का प्रतीक है। यह पूरब द्वार को संकेत करता स्थापित है। दिगबंर अणि का ध्वज पांच रंग का है। यह अंगद का प्रतीक है। इसे दक्षिण द्वार में संकेत करते हुए स्थापित किया गया है।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
निर्मल अखाड़े की धर्म ध्वजा पीले रंग की होती है। उदासीन अखाड़े की धर्म ध्वजा लाल रंग की होती है। ध्वजा पर पंचदेव अंकित हैं। उदासीन नया पंचायती अखाड़े की धर्म ध्वजा में मोर पंखा लगा है। ध्वजा को चारों दिशाओं से बांध कर प्रतिष्ठित किया गया है। 
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