kanwar
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जिस सती कुंड़ में सती ने अपनी देह दग्ध की थी, वहां भी जल चढ़ाने के लिए भोलेनाथ के भक्त पहुंचे। कनखल स्थित दुखभंजन, दरिद्रभंजन, तिलभांडेश्वर, जनवासा मंदिर आदि में भी लगातार जलाभिषेक चलता रहा। शिवालिक पर्वतमाला स्थित बिल्वकेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने देर शाम तक कतारबद्ध होकर जल चढ़ाया। समीवर्ती गौरीकुंड में भी श्रद्धालु पार्वती को पूजने के लिए पहुंचे। इस पर्वतमाला में अनेक छोटे-छोटे शिवलिंग स्थापित किए गए हैं। उनकी भी पूजा की गई। गंगा पार के नीलेश्वर और गौरीशंकर मंदिरों में जल चढ़ाया गया। मुरादाबाद मंडल के हजारों शिव भक्त कुंडीसोठेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए आए। इसी प्रकार गुप्तेश्वर, जालेश्वर, जटिलेश्वर, समुद्रेश्वर, उदयेश्वर आदि मंदिरों में पूजा अर्चना की गई। श्रावण मास के सोमवार की पूजा घरों में भी हुई और भक्तों ने व्रत रखा।