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उत्तराखंड: सावन के दूसरे सोमवार, भोले के लाखों भक्तों ने शिवालयों में किया महाभिषेक

Tue, 07 Aug 2018 09:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/ हरिद्वार
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shivling - फोटो : amar ujala
श्रावण मास के दूसरे सोमवार को देहरादून बारिश के बीच भी भोले की भक्ति में रंगा नजर आया। वहीं हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं ने पौराणिक शिवालयों में जाकर भगवान शंकर महाभिषेक किया। मंदिरों के बाहर अलसुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग गई थी। बारिश के बावजूद भोलेनाथ के भक्त मंदिरों में डटे रहे।
 
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Tapkeshwar Temple - फोटो : amar ujala
वहीं राजधानी देहरादून में भोले को सबसे पहले जलाभिषेक करने की होड़ में सुबह चार बजे से ही भक्ता का तांता लगना शुरू हो गया। भक्तों ने जलाभिषेक कर भोले बाबा की विशेष पूजा अर्चना की। इस मौके पर कहीं बाबा को देवेश्वर तो कहीं बर्फानी के स्वरूप में सजाया गया। इसके साथ ही भजन-कीर्तन एवं सामुहिक आरती की गई। 
 
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shivling
दून के टपकेश्वर मंदिर में सुबह बाबा के विशेष अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए। दूध, घी, शहद आदि से बाबा का अभिषेक किया गया। बाबा के देवेश्वर रुप का श्रृंगार किया गया। गढ़ी डाकरा स्थित प्राचीन श्री गोरखनाथ नागेश्वर महादेव मंदिर में सुबह चार बजे से भक्तों की लाइन लगानी शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने गंगाजल से अभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना की।
 

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shivling
हरिद्वार में सर्वाधिक भीड़ इस बार भी कनखल के दक्षेश्वर और हरिद्वार बिल्वकेश्वर मंदिरों में रही। दक्ष मंदिर में ब्रह्म मुर्हुत से शिव भक्तों की कतारें लग गई थी। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें लगाए गई थी। भक्तों ने शिव के अभिषेक के बाद समीपवर्ती अन्य मंदिरों में जाकर भी अभिषेक किया। नंदीगण की विशेष पूजा गणेश और पार्वती के साथ की गई। 
 
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kanwar yatra 2018
देश भर से आए कांवड़िए सोमवार को अनेक पौराणिक शिवालयों में पहुंचे। उन्होंने दक्षेश्वर और बिल्वकेश्वर में जल चढ़ाया। यद्यपि कांवड़िए मनौती मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं, जोकि उनके नगरों में स्थित हैं। तथापि सोमवार का दिन होने से भगवान शिव के स्थानीय मंदिरों में भी कांवड़िए पहुंचे। हजारों कांवड़िए नीलकंठ तथा वीरभद्र में जल चढ़ाने गए।
 
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kanwar - फोटो : amar ujala
जिस सती कुंड़ में सती ने अपनी देह दग्ध की थी, वहां भी जल चढ़ाने के लिए भोलेनाथ के भक्त पहुंचे। कनखल स्थित दुखभंजन, दरिद्रभंजन, तिलभांडेश्वर, जनवासा मंदिर आदि में भी लगातार जलाभिषेक चलता रहा। शिवालिक पर्वतमाला स्थित बिल्वकेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने देर शाम तक कतारबद्ध होकर जल चढ़ाया। समीवर्ती गौरीकुंड में भी श्रद्धालु पार्वती को पूजने के लिए पहुंचे। इस पर्वतमाला में अनेक छोटे-छोटे शिवलिंग स्थापित किए गए हैं। उनकी भी पूजा की गई। गंगा पार के नीलेश्वर और गौरीशंकर मंदिरों में जल चढ़ाया गया। मुरादाबाद मंडल के हजारों शिव भक्त कुंडीसोठेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए आए। इसी प्रकार गुप्तेश्वर, जालेश्वर, जटिलेश्वर, समुद्रेश्वर, उदयेश्वर आदि मंदिरों में पूजा अर्चना की गई। श्रावण मास के सोमवार की पूजा घरों में भी हुई और भक्तों ने व्रत रखा।  
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