अगर आप डॉक्टर हैं तो सात लाख, बिजनेसमैन हैं तो पांच लाख और नौकरीपेशा हैं तो तीन लाख। यह कोई प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देहरादून के कुछ नामी स्कूलों में एक बच्चे के दाखिले के अलग-अलग दाम हैं। दो दिन पहले डीएम रविनाथ रमन ने बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
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PICS: पैरेंट्स की जेब के हिसाब से स्कूलों की 'फीस'
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एजुकेशन हब के नाम से विख्यात देहरादून के स्कूलों की प्रसिद्धि दूर दराज तक है। यहां के नामी स्कूलों में बच्चे को दाखिला दिलाने के लिए अभिभावक दिन रात एक करते हैं। एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब वह एक नामी स्कूल में दाखिले के लिए गए तो वहां मांगी गई रकम से चौंक गए। पहले तो उनसे प्रोफेशन पूछा गया।
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PICS: पैरेंट्स की जेब के हिसाब से स्कूलों की 'फीस'
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वह और उनकी पत्नी चिकित्सक हैं। जब उन्होंने बताया तो कहा कि ठीक है आप सात लाख रुपए ले आना और एडमिशन हो जाएगा। चिकित्सक परेशान हैं कि आखिर करें तो क्या करें। एक अन्य नौकरीपेशा अभिभावक ने बताया कि वह उसी कक्षा के लिए अपने बच्चे के दाखिले की बात करने गए तो उनसे तीन लाख रुपए मांगे गए।
PICS: पैरेंट्स की जेब के हिसाब से स्कूलों की 'फीस'
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एक बिजनेसमैन अभिभावक के मुताबिक उनसे दाखिले के लिए पांच लाख रुपए मांगे गए। दून में ऐसे कई नामी स्कूल हैं, जहां आम आदमी या मध्यम श्रेणी के अभिभावक अपने बच्चे को एडमिशन नहीं दिला पाते। भले ही उनका बच्चा कितना भी बुद्धिमान क्यों न हो। स्कूलों की लूट के खिलाफ देहरादून में उबाल है।