लंदन के डर्बी में जीत हासिल करने वाले गौरव के परिजन
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फोन पर हुई बातचीत में गौरव ने बताया कि वह बचपन में तीन बार चामी गांव आए थे। पहली बार वह वर्ष 1982 में आए थे। उस समय उनकी उम्र छह वर्ष थी। दो साल बाद वर्ष 1984 में गांव में भोलेनाथ के जागर में शामिल होने के लिए वह परिवार के साथ आए थे। 11 वर्ष की उम्र में 1987 में वह एक बार फिर से गांव आए थे। इसके बाद उनका गांव आना नहीं हो सका।