सुंदरिए-मुंदरिए होय, तेरा कौन विचारा होय, दूल्ला भट्टी वाला होय...। लोहड़ी पर्व पर शहर में ऐसे गीतों पर लोग झूमते नजर आए। पंजाबी गीतों पर युवक और युवतियों समेत बच्चों ने भी जमकर भंगड़ा किया। विधिविधान से लोहड़ी जलाने के बाद गजक, रेवड़ी और मूंगफली आदि का प्रसाद भी बांटा गया।