केदारनाथ
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बीते वर्ष अक्तूबर से इस वर्ष फरवरी तक हिमालय क्षेत्र में भी पर्याप्त बर्फ नहीं गिरी जो पर्यावरण के लिए शुभ नहीं है। केदारनाथ में जो बर्फ जमा है वह तेज धूप में एक सप्ताह में ही पिघल जाएगी। ऐसे में यहां आगामी मार्च से चारों तरफ पहाड़ियां तपनी शुरू हो जाएगी जिससे ग्लेशियर की बर्फ तेजी से पिघलेगी। ऐसे में नदियों का जलस्तर बढ़ने से खतरा पैदा हो सकता है। - जगत सिंह जंगली, पर्यावरणविद्, रुद्रप्रयाग