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सदियों जिस मुगल सल्तनत ने किया राज, आज इस हाल में रहने को मजबूर है उसकी बहू

Sat, 10 Dec 2016 09:40 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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Sultana Begum - फोटो : AmarUjala
दिल्ली की गद्दी पर तीन सदियों तक शासन करने वाले जिस मुगल साम्राज्य का वैभव पूरी दुनिया में मशहूर रहा आज उसके वंशज किस तरह जी रहे हैं ये जानकर आप दंग रह जाएंगे।
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Sultana Begum - फोटो : AmarUjala
कोलकाता स्थित झुग्गी-झोपड़ी में मुफलिसी में जिंदगी बिता रहीं आखिरी मुगल सम्राट बहादुरशाह जफर की पौत्र वधू अपने मुंहबोले भाई के बुलावे पर इन दिनों देहरादून के विकासनगर आई हुई हैं।
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Sultana Begum - फोटो : AmarUjala
इस दौरान जब अमर उजाला संवाददाता ने उनसे बात की तो उनका दर्द छलक आया। कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में बहादुरशाह जफर ने देश से वफादारी का सबूत दिया लेकिन आज उनका खानदान मुफलिसी की जिंदगी जीने को मजबूर है।

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Sultana Begum - फोटो : dailymail
जब उनसे पूछा गया कि इसका जिम्मेदार कौन है तो उन्होंने किसी एक को नहीं बल्कि आजादी के बाद से लेकर अब तक की सभी सरकारों को दोषी ठहराया। कहा स्वतंत्रता संग्राम में गद्दारी करने वाले राजघरानों के पास तो सबकुछ है पर असली स्वतंत्रता सेनानियों को कोई पूछने वाला नहीं है।
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Sultana Begum - फोटो : rediff.com
उनकी ख्वाहिश है कि वे किसी तरह आखिरी मुगल सम्राट की मिट्टी रंगून से अपने वतन ला सकें। दिल्ली के महरौली स्थित जफर महल में आज भी बहादुरशाह की खाली कब्र मिट्टी का इंतजार कर रही है। लेकिन वह इसके लिए हाथ नहीं फैलाएंगी।
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Sultana Begum - फोटो : AmarUjala
वो बताती है कि उनके पति स्वर्गीय प्रिंस मिर्जा मोहम्मद बेदार बख्त बहादुर के इंतकाल के बाद 1981 में पेरिस के एक परिवार ने उन्हें अपने वतन चलने को कहा था लेकिन उन्होंने हिंदुस्तान में रहने को चुना। यही नहीं उन्हें पाकिस्तान से भी बुलावा आया पर उन्होंने उसे भी ठुकरा दिया।
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Sultana Begum - फोटो : AmarUjala
सुल्ताना बेगम बताती हैं कि उनके पति स्वर्गीय प्रिंस मिर्जा मोहम्मद बेदार बख्त बहादुर को वर्ष 1980 तक महज 400 रुपये पेंशन मिलती थी। उनके इंतकाल के बाद यह पेंशन उन्हें मिलने लगी। वर्ष 2010 में इसे बढ़ाकर 6000 कर दिया गया, तब से इसी पेंशन के भरोसे किसी तरह उनका घर चल रहा है।
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