रावल ने धारण किया स्वर्ण मुकुट, शीतकालीन पूजा भी शुरू
भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान होते ही केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने छह माह के लिए स्वर्ण मुकुट धारण कर लिया है। उन्होंने केदारनाथ के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग को छह माह की पूजा-अर्चना के संकल्प से भी मुक्त किया। बता दें कि केदारनाथ धाम के रावल को बोलांद केदार कहा जाता है। धाम में छह माह तक स्वर्ण मुकुट भगवान केदारनाथ धारण करते हैं और शीतकाल में छह माह रावल की ओर से स्वर्ण मुकुट धारण किया जाता है। भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल पर विराजमान होने के साथ ही आराध्य की सांयकालीन व शयन आरती के साथ शीतकालीन पूजा भी शुरू हो गई है।