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आज विधिविधान के साथ खुले केदारनाथ धाम के कपाट, पढ़िए धाम के बारे में एक बड़ा रहस्य

Sun, 29 Apr 2018 06:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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केदारनाथ धाम - फोटो : AmarUjala
29 अप्रैल को विधिविधान के साथ केदारनाथ धाम के कपाट आम दर्शनों के लिए खोल दिए गए हैं। आइए जानते हैं धाम से जुड़ा एक बड़ा रहस्य...
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kedarnath
हर साल भैया दूज पर भगवान आशुतोष के 11वे ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं। जिसके पीछे एक कहानी छुपी हुई है। इसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
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kedarnath dham
भैया दूज पर शीतकाल के लिए कपाट बंद होने के बाद बाबा की चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचती है। जहां बाबा केदार की शीतकाल के छह माह पूजा की जाती है।


 

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baba kedarnath
केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने बताया कि कुरुक्षेत्र युद्ध के उपरांत अपने पित्रों का कर्मकांड करने के बाद पांडवों को भैयादूज के दिन ही स्वर्ग की प्राप्ति हुई थी। इसलिए भैया दूज से शीतकाल प्रारंभ माना जाता है और पंरपराओं के अनुरुप बाबा केदार के कपाट बंद किए जाते हैं।
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kedarnath
श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा भगवान केदारनाथ के मंदिर को 20 कुंतल गेंदा के फूलों से सजाया गया है। चारों ओर बिजली की रंग-बिरंगी झालरें मंदिर की भव्यता को चार चांद लगा रही हैं। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि मंदिर को सजाने के लिए ऋषिकेश से 26 अप्रैल को फूल केदारनाथ पहुंचा दिए गए थे। फूलों के साथ बेलपत्री, आम और पीपल के पत्तों की माला का भी उपयोग किया गया है। 
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