फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kedarnath Avalanche: 10 महीने में पांचवीं बार हुआ हिमस्खलन, इसी ग्लेशियर के टूटने से 2013 में आई थी आपदा

Thu, 08 Jun 2023 08:17 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
1 of 5
केदारनाथ में हिमस्खलन - फोटो : अमर उजाला
केदारनाथ में चोराबाड़ी ग्लेशियर जोन में हिमस्खलन हुआ है। इससे काफी देर तक बर्फ का गुबार उठता रहा। इस दौरान केदारनाथ धाम में मौजूद कई श्रद्धालुओं ने इस घटना को अपने मोबाइल में कैद किया।

इसी रास्ते से जून 2013 की आपदा में भी भारी मात्रा में मलबा और पानी आया था। बीते दस माह में हिमस्खलन (एवलांच) की यह पांचवीं घटना है। बीते वर्ष सितंबर-अक्तूबर में भी इसी क्षेत्र में एवलांच आया था।

यह भी पढ़ें...  जून में भी बर्फ से सराबोर हेमकुंड साहिब की ये तस्वीरें देंगी मन को सुकून

बृहस्पतिवार को सुबह लगभग सवा सात बजे केदारनाथ से करीब चार किमी पीछे चाेराबाड़ी ताल के ऊपरी क्षेत्र में स्थित ग्लेशियर के एक हिस्से में हिमस्खलन हुआ।
विज्ञापन

2 of 5
केदारनाथ में हिमस्खलन - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान पांच से सात मिनट के लिए क्षेत्र में बर्फ का गुबार उठा। जिस तरह से बर्फ का गुबार तेजी से नीचे की तरफ खिसक रहा था, उससे अनुमान लगाया गया कि काफी ऊंचाई से भारी मात्रा में नई बर्फ टूटकर गिरी है।
विज्ञापन

3 of 5
हिमस्खलन की वीडियो बनाते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान केदारनाथ मंदिर, मंदिर परिसर और गोल चबूतरे में मौजूद श्रद्धालुओं ने इस घटना को अपने मोबाइल में कैद किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि एवलांच से केदारनाथ मंदिर सहित संपूर्ण केदारपुरी को किसी प्रकार से कोई नुकसान नहीं हुआ है।

4 of 5
केदारनाथ में बीते साल हुआ हिमस्खलन - फोटो : अमर उजाला
यह घटना मंदिर क्षेत्र से लगभग छह किमी दूर हुई है। उन्होंने बताया कि कपाट खुलने के बाद से केदारनाथ क्षेत्र में बर्फबारी के चलते एवलांच की घटना हुई है, जो सामान्य प्रक्रिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
केदारनाथ में बीते साल हुआ हिमस्खलन - फोटो : अमर उजाला
उधर, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मनीष मेहता ने बताया कि हिमालय क्षेत्र में एवलांच सामान्य घटना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें