अर्घ्य देते समय वो चुन्नी साथ ज़रूर ले जाएं, जिसे आपने कथा सुनते समय पहना था। चंद्रमा को छलनी में दीया रखकर उसमें से देखें, फिर उसी छलनी से तुरंत अपने पति को देखें। कई लोग जलते हुए दीये को पीछे फेंक देते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए। कई लोग दीये के बुझने को भी अपशकुन मानते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। इस तरह का वहम न पालें।