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हरिद्वार: कोरोना काल में गंगा स्नान के लिए पहुंच जाते 25 लाख श्रद्धालु तो खतरनाक हो सकते थे हालात

Mon, 30 Nov 2020 11:21 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार/ रुड़की
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- फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में कार्तिक पूर्णिमा के गंगा स्नान पर पिछले साल आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा जुटाने के बाद पाबंदी का निर्णय लिया गया। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश सरकार के स्तर पर इस बात पर मंथन हुआ था कि यदि पिछले साल की तरह हरकी पैड़ी पर 25 लाख श्रद्धालु पहुंच गए तो हालात खतरनाक हो सकते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
 ऐसे में भले ही इस पाबंदी से लाखों लोगों के गंगा स्नान की मुराद पूरी नहीं हो पाई, लेकिन इससे आने वाले संकट को कम करने में काफी हद तक मदद मिलने की उम्मीद है। यही नहीं कुंभ के ट्रायल के तौर पर भी यह प्रयोग किया गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर हरिद्वार में 25 लाख से अधिक लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई थी। 
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- फोटो : अमर उजाला
इस बार भी करीब इतनी ही संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान था। यही नहीं, यह तथ्य भी सामने आया कि यूपी, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से श्रद्धालुओं की 70 से 80 प्रतिशत आमद होती है। इसी के चलते भगवानपुर और नारसन के के अलावा खानपुर बॉर्डर पर बाहरी श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पुलिस ने सख्ती की। अधिकारियों के अनुसार, जो योजना बनाई गई थी वह सफल रही। 

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- फोटो : अमर उजाला
यानी पुलिस बॉर्डर पर बाहरी प्रदेशों के श्रद्धालुओं को बिना किसी विवाद रोकने में सफल रही। बताया जा रहा है कि यह एक तरह से आने वाले महाकुंभ का ट्रायल भी था। यदि कुंभ में कोई हालात बिगड़ने जैसी स्थिति सामने आती है तो कार्तिक स्नान में किया गए प्रयोग का अनुभव पुलिस लेगी। 
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- फोटो : अमर उजाला
एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष करीब 25 लाख श्रद्धालुओं ने कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार में स्नान किया था। यदि इसी तरह इस बार भी यात्री पहुंच जाते तो कोरोना का संकट बढ़ जाता। इसी को ध्यान में रखते जिला प्रशासन की ओर से दिशा निर्देश मिले थे। इसका पूरी तरह पालन कराया गया है।
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