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कार्तिक पूर्णिमा 2020: बॉर्डर पर बहाने बनाकर गंगा में डुबकी लगाने हरिद्वार पहुंचे बाहरी राज्यों के श्रद्धालु, तस्वीरें...

Mon, 30 Nov 2020 11:09 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार में कार्तिक पूर्णिमा स्नान शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद अब कोविड-19 संक्रमण के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। सोमवार को बाहरी राज्यों के हजारों श्रद्धालु भी बॉर्डर पर बहाने बनाकर हरिद्वार तक पहुंचे और गंगा में डुबकी लगाई। बाहरी राज्यों के नंबरों वाली श्रद्धालुओं की बसों, टेंपो और निजी वाहनों से रोड़ीबेलवाला पार्किंग पैक रही। हरकी पैड़ी से लेकर अन्य घाटों पर शारीरिक दूरी के नियमों का पालन नहीं हुआ। 
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- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार जिले के बॉर्डरों पर रविवार दोपहर बाद सख्ती की गई, लेकिन कई श्रद्धालु रविवार सुबह ही हरिद्वार पहुंचने शुरू हो गए थे। सोमवार सुबह पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बाहरी राज्यों के यात्रियों को प्रदेश में प्रवेश नहीं होने दिया। हालांकि इस बीच भी बहुत से लोग अलग अलग बहाने बनाकर प्रदेश में दाखिल हुए। वहीं दोपहर बाद बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती भी कम हो गई। ऐसे में बाहरी श्रद्धालु बॉर्डर पर कोई न कोई बहाना बनाकर हरिद्वार तक पहुंचे। 
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- फोटो : अमर उजाला
कई बसों पर लोग अस्थि प्रवाह करने भी पहुंचे। अस्थि प्रवाह के साथ लोगों ने घाटों पर डुबकी लगाई। कइयों ने शादी समारोह में शामिल होने की बात कहकर हरिद्वार तक का सफर तय किया। ऐसे में दोपहर एक बजे तक हाईवे किनारे सीसीआर मार्ग स्थित रोड़ीबेवाला पार्किंग दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के नंबरों वाले वाहनों से पैक हो गई। 

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- फोटो : अमर उजाला
वाहन खड़े करने के बाद श्रद्धालु हरकी पैड़ी और अन्य घाटों पर गए और स्नान करने के बाद वापस आकर अपने घरों को लौट गए। लखनऊ से पहुंचे सोहन गर्ग ने बताया कि निजी कार से परिवार के साथ रविवार सुबह आ गए थे। गाजियाबाद से बच्चे का मुंडन कराने पहुंचे जगदीश शर्मा ने बताया कि बॉर्डर पर सुबह पुलिस ने पूछताछ की, हरिद्वार आने की बात बोलकर आ गए।
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- फोटो : अमर उजाला
बाहरी यात्रियों को रोकने के लिए बॉर्डर पर दिनभर तनातनी के बीच शाम करीब तीन बजे व्यवस्था में ढील दे दी गई। इस बीच विभिन्न बॉर्डर से हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए जा रहे करीब एक हजार बाहरी यात्रियों को वापस लौटाया गया। हालांकि इस दौरान व्यवसायिक वाहनों को नहीं रोका गया। अस्थियां विसर्जन के लिए पहुंचे लोगों को भी प्रवेश दिया गया। राज्य के लोगों को उनकी आईडी की जांच के बाद प्रवेश दिया गया।
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- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए कॉविड 19 को देखते हुए डीएम के गंगा स्नान पर प्रतिबंध लगा देने के बाद पुलिस ने श्रद्धालुओं को रोकने के लिए नारसन बॉर्डर पर सख्ती बरती। पुलिस ने एक दिन पहले से ही हरिद्वार और ऋषिकेश स्नान के लिए जा रहे लोगों को नारसन बॉर्डर से वापस करना शुरू कर दिया था। मंगलौर कोतवाली से प्रशिक्षु आईपीएस हिमांशु कुमार व सीओ मंगलौर अभय सिंह ने नारसन बॉर्डर पर डेरा डाले रखा और बाहरी राज्यों से स्नान करने आ रहे लोगों को वापस भेजा। 
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आईपीएस प्रशिक्षु हिमांशु कुमार ने बताया है की अस्थि विसर्जन या जरूरी काम से उत्तराखंड आ रहे लोगों को ही सबूत जुटाकर आने की अनुमति दी। वहीं उत्तराखंड के लोगों को भी उनकी आईडी देखकर ही प्रवेश दिया गया। यही स्थिति मंडावर और काली नदी बॉर्डर पर भी रही। यहां से भी बड़ी संख्या में यात्रियों को लौटाया गया। यहां भी शाम के बाद चेकिंग में ढील दे दी गई। 
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शाम तीन बजे के बाद बॉर्डर पर ढील दे दी गई है। अब केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही यात्रियों को प्रवेश दिया जाएगा। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के मद्देनजर लगाई गई पाबंदी के दौरान भी व्यावसायिक वाहनों, एंबुलेंस, स्थानीय लोगों और अस्थि विसर्जन के लिए पहुंचे लोगों को नहीं रोका गया। पुलिस ने बेहद शालीनता के साथ बाहर से पहुंचे यात्रियों को लौटाया। 
- स्वन किशोर सिंह, एसपी देहात 
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