कार्तिक पूर्णिमा स्नान साल का अंतिम स्नान है। इसके बाद मकर संक्रांति से गंगा स्नान शुरु होगा। ऐसे में दोगुना फल पाने के लिए आप इस शुभ मुहूर्त में स्नान कर पूजा करें।
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ganga snan at haridwar
- फोटो : amar ujala
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, कार्तिक पूर्णिमा की तिथि 3 नवंबर की रात 1 बजकर 46 मिनट से शुरु होकर 4 नवंबर के 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इस बीच आप स्नान करेंगे तो लाभकारी होगा।
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वहीं सूर्योदय सुबह 6 बजकर 36 मिनट होगा। ऐसे में माना जाता है कि सूरज उगने से पहले ही स्नान करने से अधिक लाभ मिलता है।
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आरती
- फोटो : SELF
हालांकि, पूजा पाठ आप दिन में किसी भी समय कर सकते हैं। इसके लिए स्नान कर भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करें।
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इसके साथ ही हाथ में कुश लेकर दान देते हुए संकल्प करें। माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन सरसों का तेल, तिल और काले कपड़े दान करने चाहिए। इसके बाद शाम को तुलसी के सामने एक दीपक जलाएं।