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कांवड़ यात्रा: दोस्त को बचाने की कोशिश में खत्म हो गईं तीन और जिंदगियां; डूबता देख तीनों गंगनहर में कूदे

Sat, 01 Aug 2026 04:00 AM IST
Alka Tyagi आवेश अंसारी, संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

सभी दोस्त 30 जुलाई की रात हरिद्वार पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह उन्होंने कांवड़ उठाई और गंतव्य की ओर रवाना हो गए। इस दौरान वह गंगनहर में नहाने उतरे और एक किशोर डूबने लगा। बाकी तीन भी उसे बचाने कूद गए।
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गंगनहर में डूबे चार दोस्त - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में हुए हादसे में चार नाबालिग कांवड़ यात्रियों की मौत के पीछे एक-दूसरे को बचाने की कोशिश भी वजह बनी। गंगनहर में भरत को डूबता देखकर उसके तीन दोस्त रोहित, शिवांशु और नितीश बचाने के लिए गहरे पानी में उतर गए। सभी गहरे पानी की चपेट में आ गए और डूब गए। उनके साथ मौजूद 23 वर्षीय साहिल ने किसी तरह खुद को संभाल लिया और अपनी जान बचाने में सफल रहा।

साहिल के मुताबिक, वह सभी दोस्त 30 जुलाई की रात हरिद्वार पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह उन्होंने कांवड़ उठाई और गंतव्य की ओर रवाना हो गए। उनके कुछ अन्य साथी 31 जुलाई की सुबह हरिद्वार पहुंचे थे। साथियों ने रास्ते में रुककर सभी के एक साथ आगे बढ़ने की बात कही। इसके बाद पांचों जटवाड़ा पुल के पास रुक गए।

नहाने गंगनहर में गए, वहीं समा गए: कांवड़ लेकर निकले चार दोस्तों की मौत, लोग चिल्लाए पर बचा नहीं पाए, तस्वीरें
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हरिद्वार में कांवड़ यात्रियों की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोपहर बाद सभी गंगनहर में नहाने के लिए उतर गए। इसी दौरान अचानक भरत गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे डूबता देखकर रोहित, शिवांशु, नितीश और साहिल उसे बचाने के लिए आगे बढ़े और गहरे पानी की चपेट में आ गए।
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हरिद्वार में कांवड़ यात्रियों की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साहिल ने किसी तरह बाहर निकल आया लेकिन उसके तीन दोस्त डूब गए। कुछ ही देर में मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही जल पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चारों को गंगनहर से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

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हरिद्वार में कांवड़ यात्रियों की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे ने साथ आए दोस्तों और प्रत्यक्षदर्शियों को झकझोर कर रख दिया। सामने आया कि भरत और रोहित के अन्य दोस्त चंडीगढ़ से सुबह हरिद्वार पहुंचे और उन्हें रास्ते में ही रुकने के लिए कह दिया।
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हरिद्वार में कांवड़ यात्रियों की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद वह तो इंतजार करने लगे और हादसे का शिकार हो गए। बताया गया कि जिन दोस्तों के लिए रुके थे वो हादसे के बाद भी यहां नहीं रुके और आगे बढ़ गए। यहां सिर्फ साहिल के अलावा रोहित का भाई अमित रुके हैं जबकि अन्य परिजन घटना की जानकारी मिलते ही हरिद्वार के लिए रवाना हो गए हैं।
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